VIDEO: बढ़ती प्यास, खाली होते बांध, राजस्थान में कमजोर मानसून रहने से बढ़ती चिंता, बीसलपुर बांध से अगले साल जून तक होगा पानी सप्लाई

जयपुर: राजस्थान से मानसून की विदाई हो गई है. इस बार मानूसन ने प्रदेश में राहत कम दी और चिंता ज्यादा बढा दी है. प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद बांधों में पानी की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली है. इस बार मानसून में न कहीं चादर चली और न ही किसी बांध में सालभर का पानी आया. जयपुर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध तो इस बार प्यासा ही रह गया. कमजोर मानसून व कम बारिश ने केवल किसानों को चिंता में डाल दिया है, बल्कि पीने का पानी भी इस बार चुनौती बनने वाला है.

प्रदेश से इस बार विदा हुआ मानसून मायूसी देकर गया है. पिछले साल झमाझम मेघा बरसे थे. बांध लबालब हुए थे और किसान व जनता के चेहरे पर मुस्कान थी. इस बार कमजोर मानसून ने सभी को निराश किया. अब चिंता तो भविष्य की होने लगी है. भविष्य की तस्वीर बताने से पहले आपको प्रदेश में बांधों की स्थिति बताते हैं. जिससे सिंचाई व पीने का पानी मिलता है.

प्रदेश में बांधों की तस्वीरे चिंता में डालने वाली है
-प्रदेश के 693 बांधों की कुल जलभराव क्षमता 13,029.09 एमक्यूएम है
-लेकिन इनमें अब 8,068.59 एमक्यूएम पानी ही बचा है
-यानी कुल क्षमता का 61.93 प्रतिशत पानी मौजूद है
-पिछले साल इन दिनों में बांधों में 11,793.95 एमक्यूएम पानी था और भराव 90.52 प्रतिशत था
-एक साल में प्रदेश के बांधों में पानी की उपलब्धता 3,725.37 एमक्यूएम कम हो गई.
-जल संसाधन विभाग के जोन के अनुसार  आंकड़े में जोधपुर सबसे कमजोर
-जोधपुर जोन के 117 बांधों की कुल क्षमता 991.65 एमक्यूएम है,
-लेकिन इनमें सिर्फ 155.89 एमक्यूएम यानी 15.72 प्रतिशत पानी बचा है
-पिछले साल इसी समय यहां 80.25 प्रतिशत पानी था
-जयपुर जोन के 186 बांधों में 59.51 प्रतिशत पानी है
-पिछले साल जयपुर जोन में 85.04 प्रतिशत पानी था
-भरतपुर जोन में 52.83 प्रतिशत, उदयपुर में 47.10 प्रतिशत,
-बांसवाड़ा में 67.27 प्रतिशत और कोटा जोन में 77.29 प्रतिशत पानी मौजूद है
-693 बांधों में 215 पूरी तरह खाली है, जबकि 379 बांध आंशिक रूप से भरे हुए हैं
-प्रदेश में सिर्फ 99 बांध पूरी तरह भरे हुए हैं
-4.25 एमक्यूएम से कम क्षमता वाले 407 बांधों में 165 बांध खाली हैं
-वहीं 4.25 एमक्यूएम से ज्यादा क्षमता वाले 286 बांधों में 50 बांध पूरी तरह खाली हैं

जयपुर सहित कई जिलों की लाइफलाइन बीसलपुर की बात करें, तो इस बार बांध के कंठ गीले नहीं हो सके. बीसलपुर बांध में अब तक उसकी कुल क्षमता का 72.20 प्रतिशत पानी मौजूद है. बीसलपुर का वर्तमान भराव स्तर 313.95 आरएल मीटर है और बांध में 719.180 एमक्यूएम पानी बचा हुआ है. लेकिन पिछले साल इसी समय बीसलपुर बांध 100 प्रतिशत भरा हुआ था. तब इसमें 1,095.840 एमक्यूएम पानी मौजूद था. यानी इस साल बीसलपुर में पिछले साल के मुकाबले करीब 376.66 एमक्यूएम कम पानी है. बीसलपुर भरता है, तो जयपुर की प्यास बुझती है,,बीसलपुर खाली रहता है तो जयपुर की चिंता बढ़ती है. 

मानसून में इस बांध में जो पानी आता है, उससे ही अगले मानसून तक पेयजल की व्यवस्था टिकी रहती है. कहा तो जा रहा है कि मौजूदा जलस्तर के आधार पर जून तक जयपुर में पेयजल संकट की स्थिति नहीं आएगी. लेकिन असली चुनौती इसके बाद की है, अगर अगला मानसून समय पर नहीं आया तो पानी की जरूरत पूरी करने के लिए विभाग को वैकल्पिक इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ सकता है. 

इसीलिए जलदाय विभाग ने अभी से कंटीजेंसी प्लान पर काम शुरू करने की तैयारी कर ली है. टेल एंड तक पानी पहुंचाने से लेकर बंद ट्यूबवेल और हैंडपंप चालू करने तक की कवायद शुरू होगी. मानसून कमजोर रहने से कई इलाकों में भूजल स्तर और स्थानीय जलस्रोतों पर भी दबाव बढ़ा है. पानी की समस्या खासतौर पर टेल एंड इलाकों में ज्यादा चुनौती बन सकती है. ऐसे में विभाग का फोकस सिर्फ उपलब्ध पानी पर नहीं, बल्कि पानी की समान और नियमित सप्लाई पर भी रहेगा.

आंकड़ों में राजस्थान के बांध
कुल बांध — 693
कुल क्षमता — 13,029.09 एमक्यूएम
8 अक्टूबर 2026 को पानी — 8,068.59 एमक्यूएम
कुल भराव — 61.93 प्रतिशत
8 अक्टूबर 2025 को पानी — 11,793.95 एमक्यूएम
पिछले साल भराव — 90.52 प्रतिशत
एक साल में कमी — 3,725.37 एमक्यूएम
पूरी तरह खाली बांध — 215
आंशिक रूप से भरे बांध — 379
पूरी तरह भरे बांध — 99
बीसलपुर बांध की स्थिति
वर्तमान भराव — 72.20 प्रतिशत
वर्तमान जलस्तर — 313.95 आरएल मीटर
8 अक्टूबर 2026 को पानी — 719.180 एमक्यूएम
8 अक्टूबर 2025 को पानी — 1,095.840 एमक्यूएम
पिछले साल भराव — 100 प्रतिशत
एक साल में पानी की कमी — 376.660 एमक्यूएम