जयपुर : सचिवालय में सुरक्षा को लेकर फिर एक बार सवाल उठ खड़े हुए हैं. मंत्रालयिक भवन और लाइब्रेरी भवन के पीछे वाले हिस्से में लोहे की बैरिकेडिंग जगह-जगह से जीर्ण-शीर्ण होने से सुरक्षा को लेकर ब्लैक स्पॉट हो गए हैं. इसके मद्देनजर किए गए उपाय भी नाकाफी साबित हो रहे हैं. इससे सुरक्षा को लेकर खतरा और जोखिम होने की संभावना बन रही है.
सचिवालय में मंत्रालयिक भवन से पीछे की ओर जो बाग है उसके मुख्य रोड की ओर जाने वाले हिस्से में लोहे की रेलिंग लगी है जिसमें जगह-जगह दो रेलिंग बीच-बीच में से टूट गई हैं जिससे दो सरियों के बीच अंतर बढ़ गया है.
यह है ब्लैक स्पॉट
मंत्रालयिक भवन और लाइब्रेरी भवन के पीछे के बाग में जगह-जगह लोहे की रेलिंग टूटी हुई है.
यह मामला कुछ समय पहले सामने आने के बाद जगह-जगह जालियां लगाई गई हैं.
यह जालियां इस रूप में लगाई गई हैं कि इनमें से कोई भी चढ़कर अंदर प्रवेश कर सकता है.
दूसरी ओर इसके जरिये संदिग्ध वस्तुएं भी लाई जा सकती हैं.
सचिवालय में प्रवेश के लिए गेट पर पास की व्यवस्था है तो चौपहिया वाहनों की प्रवेश करते समय चेकिंग होती है, लेकिन इन छोटे सुराखों के चलते सुरक्षा दांव पर लग सकती है.
इसके चलते क्या है जोखिम ?
इससे फिर एक बार सुरक्षा को खतरा हो रहा है.
इसके कारण बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है.
ऐसा माना जा रहा है कि लाइब्रेरी भवन में हेल्पलाइन और अन्य जगहों पर रात के समय भी ड्यूटी होती है और इन कर्मियों को बाहर से जब चीजें मंगानी होती हैं तो इस रास्ते से उन वस्तुओं का प्रवेश हो सकता है.
हालांकि यह ब्लैक स्पॉट इतने छोटे हैं कि वे नजरअंदाज हो जाते हैं लेकिन इसके चलते सुरक्षा को चुनौती देने वाली कोई भी घटना सामने आ सकती है.
पूर्व में भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं जब सचिवालय के सतर्क सुरक्षा गार्डों ने चोरी करते हुए बाहर के लोगों को पकड़ा है.
क्या है उपाय ?
अक्सर इन संदिग्ध लोगों को पकड़ने के बाद चोरी की वस्तुएं बरामद करवाकर काम पूरा समझ लिया जाता है, जबकि विधिवत प्राथमिकी दर्ज करके जांच जरूरी है.
जगह-जगह तैनात गार्डों और सुरक्षा कर्मियों के बावजूद ठेके पर लगे सफाई कर्मी या अन्य बाहरी व्यक्ति सचिवालय के अलग-अलग भवनों में घूमते पाए जाते हैं.
ऐसे में सुरक्षा को लेकर बार-बार सवाल खड़े होते रहे हैं.
अब इन छोटे सुराख बड़े संकट में तब्दील न हो जाए, इसके लिए समय रहते उपाय किए जाने जरूरी हैं.