नई दिल्ली : लंदन में RSS प्रमुख मोहन भागवत का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हिंदू सोच में अपनापन सबसे ऊपर है. लोग अपनी कर्मभूमि के प्रति ईमानदार रहें. ब्रिटेन के प्रति वफादार रहते हुए भारत की सेवा करें. खुद को मजबूत कर सकते,ताकि अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ मानवता की सेवा भी कर सकें.
ऊपर से दुनिया में बहुत तरह के फर्क दिखते, लेकिन अंदर से सब एक ही हैं. विविधता कुदरती है, इसलिए सबका आदर होना चाहिए. हिंदू राष्ट्र का उद्देश्य दुनिया को यह सच्चाई बताना है कि विविधता स्वाभाविक और एकता ही सत्य है. समस्याओं को दुश्मनी से नहीं, बल्कि ऐसे सुलझाना चाहिए.
जिससे दोनों पक्षों का भला हो. अगर किसी चीज की जरूरत दोनों को है,तो मिल-बांटकर इस्तेमाल करना चाहिए. इंसान कुदरत का ही एक हिस्सा है,उसे जीतने की जरूरत नहीं. विकास ऐसा हो जिससे इंसानों की जरूरतें भी पूरी हो और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे.