VIDEO: राजस्थान यूनिवर्सिटी में स्नातक कोर्सेस में एडमिशन की होड़, बढ़ेगा कटऑफ का दबाव, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: जयपुर की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी, राजस्थान यूनिवर्सिटी में स्नातक कोर्सेस में इस बार एडमिशन की होड़ अपने चरम पर पहुंच गई है. 4 जून से शुरू हुए ऑनलाइन आवेदन का दौर 24 जून को खत्म हो चुका है, और इसके साथ ही अब छात्रों की नजरें टिकी हैं 29 जून को जारी होने वाली पहली कटऑफ लिस्ट पर पेश है.

स्नातक कोर्स के लिए राजस्थान यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए इस बार स्टूडेंट्स को हाईकटऑफ देखने को मिलेगी इस बार खास बात यह रही कि यूनिवर्सिटी प्रशासन को दो बार आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ानी पड़ी, जो यह दर्शाता है कि छात्रों में एडमिशन को लेकर जबरदस्त उत्साह रहा. इस बार स्नातक कोर्स में संघटक कॉलेजों को मिलाकर कुल 22,505 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि सीटें महज करीब 6700 हैं. यानी एक सीट पर तीन से ज्यादा दावेदार खड़े हैं. यूनिवर्सिटी की ओर से 25 जून को छात्रों को एक बार फिर राहत दी गई और फॉर्म में गलती सुधार का मौका दिया गया. अब इसके बाद एडमिशन की पूरी प्रक्रिया मेरिट के आधार पर आगे बढ़ेगी. इस बार का सबसे बड़ा सवाल यही है कि कटऑफ कितनी ऊंची जाएगी. आंकड़े साफ बता रहे हैं कि सीटों के मुकाबले तीन गुना आवेदन आने से कटऑफ में बड़ी उछाल देखने को मिल सकती है. पिछले साल भी कई कोर्सेस में कटऑफ 95% से ऊपर पहुंच गई थी, और इस बार हालात उससे भी ज्यादा प्रतिस्पर्धी नजर आ रहे है.

--- कॉलेजों में आए आवेदन इस प्रकार है ---
-राजस्थान कॉलेज – 4240 आवेदन
-महाराजा कॉलेज – 3482 आवेदन
-महारानी कॉलेज – 11004 आवेदन
-कॉमर्स कॉलेज – 3563 आवेदन
-29 जून को पहली कटऑफ जारी होगी
-30 जून से 2 जुलाई तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा
-इसके बाद दूसरी लिस्ट जारी की जाएगी

इन आंकड़ों से साफ है कि सबसे ज्यादा दबाव महारानी कॉलेज पर  है, जहां अकेले 11 हजार से ज्यादा आवेदन पहुंचे हैं. ऐसे में यहां कटऑफ सबसे ज्यादा हाई जाने की संभावना बन रही है. राजस्थान यूनिवर्सिटी के चार बड़े संघटक कॉलेज-महारानी, महाराजा, कॉमर्स और राजस्थान कॉलेज-हमेशा से ही स्टूडेट्स की पहली पंसद रहे हैं. यही वजह है कि हर साल यहां एडमिशन की रेस बेहद टफ होती है. लेकिन इस बार सीटों की तुलना में आवेदन का जो अंतर सामने आया है, उसने इस प्रतिस्पर्धा को और भी मुश्किल बना दिया है.सूत्रों की मानें तो इस बार कटऑफ “रिकॉर्ड हाई” रह सकती है. क्योंकि मेरिट बेस्ड एडमिशन प्रक्रिया में हर छात्र की नजर टॉप लिस्ट में जगह बनाने पर है, और ऐसे में 90% से ऊपर अंक वालों की संख्या भी पहले के मुकाबले ज्यादा है. इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत नए कोर्स स्ट्रक्चर और विकल्पों ने भी छात्रों की दिलचस्पी बढ़ाई है, जिसका सीधा असर आवेदन संख्या पर पड़ा है. अब आगे की प्रक्रिया में सबसे अहम होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन. जिन छात्रों का नाम पहली सूची में आएगा, उन्हें तय समय में अपने दस्तावेज सत्यापित कराकर फीस जमा करनी होगी. अगर छात्र तय समय में प्रक्रिया पूरी नहीं करता है, तो उसकी सीट स्वतः निरस्त मानी जाएगी. यही वजह है कि छात्रों और अभिभावकों के लिए यह फेज काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है.

इस बार राजस्थान यूनिवर्सिटी में एडमिशन सिर्फ नंबर का खेल नहीं, बल्कि टॉप मेरिट की जंग बन चुका है. अब देखना होगा 29 जून को आने वाली पहली सूची कितनों के सपनों को पूरा करती है. और कितनों को इंतजार में रखती है.