VIDEO: 'स्क्रब' बांट रहा 'मौत', बरसाती सीजन के बाद मौसमी बीमारियां एक्टिव, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में मानसून की विदाई के साथ ही इस बार स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया नहीं, बल्कि जानवरों के आसपास फैले कीड़ों से होने वाले स्क्रब टाइफस ने चिकित्सा विभाग को चिंता में डाल दिया है. अकेले एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच अस्पतालों की स्थिति देखे, तो पिछले तीन माह में स्क्रब टाइफस जानलेवा बीमारी के रूप में सामने आया है. इस दौरान 340 से अधिक मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए, जिसमें से 15 लोगों को बचाया नहीं जा सका. ऐसे हालात को देखते हुए चिकित्सा विभाग और वरिष्ठ चिकित्सकों ने आमजन को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. आखिर क्या है मौसमी बीमारियों की स्थिति और बचाव के उपाय.

प्रदेश में आमतौर पर बरसात के बाद स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया के मरीज एकाएक बढ़ते है, लेकिन इस बार स्क्रब टाइफस की मौतरूपी दस्तक देखी जा रही है. प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल की बात करें तो जनवरी से जून तक स्क्रब के कुल 16 केस डिटेक्ट हुए, लेकिन इनमें मौत किसी मरीज की नहीं हुई. लेकिन इसके बाद के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे है. अकेले सितंबर में SMS हॉस्पिटल में 213 से ज्यादा केस इस बीमारी के रिपोर्ट हुए है, जिनमें से 9 मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई. जबकि अगस्त में 93 केस व 4 मौत और जुलाई में 17 केस व 2 मौत सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की गई है.

डेंगू-मलेरिया नहीं, स्क्रब टाइफस जानलेवा
अकेले SMS हॉस्पिटल में तीन महीने में 15 की मौत, 330 से ज्यादा मरीज
जनवरी से जून तक स्क्रब के कुल 16 केस डिटेक्ट हुए, मौत एक भी नहीं
लेकिन इसके बाद अचानक मौत और पॉजिटिव मरीजों का बढ़ रहा ग्राफ
जुलाई माह में एसएमएस में 17 मरीज भर्ती,दो मरीजों की इलाज के दौरान मौत
अगस्त माह में 93 केस रजिस्टर्ड, जबकि चार मरीजों ने गंवाई जान
सितंबर में स्थिति चिंताजनक, जहां एक माह में 213 केस और 9 लोगों की मौत
जबकि इसके विपरित स्वाइन फ्लू के इस साल 30 केस आए सामने,डेंगू के 158 केस,
मलेरिया का एक केस,चिकनगुनिया के 94 केस रजिस्टर्ड,इन बीमारियों से एक भी मौत नहीं

स्क्रब के प्रकोप को लेकर चिकित्सकों का कहना ये है कि पिछले कुछ दिनों में एकाएक केस बढ़े है. अधिकांश मरीज एडवांस स्टेज पर आ रहे है, जिन्होंने बीमारी को सामान्य बुखार की तरह ट्रीट किया. ऐसे मरीजों में लंस-ब्रेन इंफेक्शन के अलावा किडनी डेमेज, लीवर डेमेज जैसी स्थिति देखी जा रही है. कई मरीज मल्टी ऑर्गन फेलियर की स्थिति में आ रहे है,जिन्हें काफी प्रयास के बावजूद बचाया नहीं जा सका. चिकित्सक के मुताबिक सर्दी लगकर अचानक बुखार आना, सिर में दर्द, शरीर के ऊपर दाने, आंखों में जलन, मांसपेशियों में दर्द, सूखी खासी जैसी स्थिति बनती है तो मरीज अलर्ट जो जाए. ये स्क्रब टाइफस के लक्षण है. ये बीमारी माइट या पिस्सू के काटने से फैलती है. ऐसे में जरूरी है कि खेतों में काम करते वक्त पूरी बाहों के कपड़े पहने, कीटों से बचाने वाली क्रीम त्वचा पर लगाए.