जयपुर : सचिवालय में बाहर से डेप्यूटेशन पर कार्य कर रहे या कार्यव्यवस्था में लगे अधिकारियों-कर्मियों के मसले को लेकर कर्मचारी संघ एक्शन में आ गया है. संघ ने ऐसे कर्मियों को अपने मूल विभाग में भेजने का अभियान शुरू कर दिया है.
सचिवालय में बाहरी विभागों से डेप्यूटेशन पर कार्य कर रहे या कार्यव्यवस्था में लगे अधिकारियों-कर्मियों का मसला फिर सरगर्म हो गया है. इसके तहत सचिवालय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि इस सप्ताह के पहले 3 दिन सेक्शन्स में जाकर एचओडी से ऐसे कर्मचारियों को कार्यमुक्त करके मूल विभाग में भेजने का अनुरोध कर रहे हैं. संघ अध्यक्ष कजोड़मल मीणा का कहना है कि फिर भी स्थिति नहीं सुधरी तो गुरुवार से प्रवेश द्वार पर आई कार्ड चेक करके प्रतिनियुक्ति या कार्यव्यवस्था में लगे कर्मियों को रोका जाएगा.
ऐसे कर्मचारियों की संख्या करीब 654 है.
-वहीं सचिवालय में पहले से लगे करीब दो सौ अधिकारी प्रमोट हो गए हैं लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाने के चलते उन्हें प्रमोटेड पद पर पोस्टिंग नहीं मिल रही है.
-नव चयनित लिपिकों की ज्वॉइनिंग बाद सचिवालय के विभागों में सेक्शन्स में बैठने की जगह नहीं है.
-इसका कारण यह है कि किसी भी सेक्शन्स के आकार को एकदम से बढ़ाया नहीं जा सकता. साथ ही कंप्यूटर और सरकारी कामकाज के लिए जरूरी अन्य सुविधाएं भी सेक्शन्स में उतनी नहीं हैं जिससे राजकाज भी प्रभावित हो रहा है.
-डेप्यूटेशन पर लगे पटवारी अपना पटवार सर्किल संभालने के बजाय सचिवालय में कार्यरत हैं. इसी तरह शिक्षक शिक्षा का काम करने के बजाय सचिवालय में काम कर रहे हैं जिससे इन विभागों का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है.
-पूर्व में 2 मई 2013, 19 मार्च 2020,4 मई 2020,28 दिसंबर 2020, 3 फरवरी 2011,4 अप्रैल 2022, 8 अगस्त 2022 को परिपत्र और आदेशों के जरिए विभागों को ऐसे कर्मियों/ अधिकारियों को हटाकर मूल विभाग में भेजना सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए थे.
इस मसले को लेकर डीओपी और उच्च स्तर पर कई बार मंथन किया जा चुका है लेकिन अभी तक मसला हल नहीं हो रहा है.