जयपुर: देशभर के शहरों में कराए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में दूसरी बार इस साल भी स्कूलों में साफ-सफाई के घटक को शामिल किया गया है. इस घटक की मार्किंग में प्रदेश के शहरों को अच्छे अंक मिलें, इस लिहाज से स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं. देशभर के शहरों में केन्द्र सरकार की ओर से कराए जाने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में इस बार भी स्कूलों में साफ-सफाई के घटक को शामिल किया गया है. इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण की वर्ष 2025-26 के लिए जारी टूलकिट में स्कूलों में साफ-सफाई के घटक के 500 अंक निर्धारित किए गए हैं. पिछले वर्ष की टूलकिट में भी इस घटक को शामिल किया गया था.
स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए शहरों में आने वाली केन्द्र सरकार की टीमें स्कूलों में साफ-सफाई का भी जायजा लेंगी. जानकारों के अनुसार ये टीमें अपने सर्वे में अस्सी प्रतिशत सरकारी स्कूलों और बीस प्रतिशत गैर स्कूलों को शामिल करेंगी. इस महत्वपूर्ण घटक में प्रदेश के शहरों को अच्छे अंक मिले, इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग ने सभी जिला कलक्टरों,सभी निकायों के आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं. आपको बताते हैं कि इस घटक में किस तरह अंक निर्धारित किए गए हैं और स्वायत्त शासन विभाग ने इसके अनुसार क्या आदेश जारी किए हैं.
स्वच्छ सर्वेक्षण शहरी को लेकर बड़ी खबर:
-विद्यालयों में स्वच्छता के इस बार भी मिलेंगे अंक
-सर्वेक्षण के कुल अंकों में से इस घटक के अंक होंगे 500
-इसको लेकर स्वायत्त शासन विभाग ने जारी किए आदेश
-सभी जिला कलक्टर,निकायों के आयुक्त
-और अधिशासी अधिकारियों को जारी किए गए हैं आदेश
-स्वच्छ सर्वेक्षण की टूलकिट के अनुसार करना होगा सुनिश्चित
-इन अधिकारियों को विद्यालयों में स्वच्छता,अपशिष्ट प्रबंधन,
-सुव्यवस्थित शौचालय,शैक्षणिक संस्थानों में व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम,
-विद्यालय में एक RRRकेन्द्र की स्थापना करनी होगी सुनिश्चित
-स्कूली विद्यार्थी बनेंगे स्वच्छता दूत
-अपने घर व पड़ोस के पांच घरों में देंगे जानकारी
-गीला व सूखे कचरे का पृथक्करण और
-उसे निकाय के वाहन को देने के संबंध में देंगे जानकारी
-स्कूलों में जन जागरूकता अभियान चलाने के दिए हैं आदेश
-इसके तहत विद्यार्थियों को बनाया जाएगा स्वच्छता दूत
-विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाएगी आमुखीकरण कार्यशाला
-स्कूल परिसर की संपूर्ण स्वच्छता के रखे गए 100 अंक,
-गीले व सूखे कचरे के पृथक्करण के 40 अंक,
-कक्षा,रसोई व मुख्य स्थानों पर अलग-अलग कचरा पात्र के 35 अंक,
-जैविक कचरे के कम्पोस्टिंग के रखे गए हैं 40 अंक
-छात्र-छात्राओं के लिए क्रियाशील शौचालयों के 50 अंक,
-शौचालयों में विभिन्न सुविधाओं के लिए 50 अंक,
-शौचालय अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान के निर्धारित है 50 अंक
-स्कूलों में व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम के रखे हैं कुल 80 अंक
-इनमें से जागरूकता अभिययान के 10 अंक,
-सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के 10 अंक,
-पर्यावरणीय स्थिरता पर केंद्रित सह पाठ्यक्रम गतिविधियों के 20 अंक,
-शैक्षणिक सामग्री के उपयोग के 10 अंक और
-इको क्लब के गठन के रखे गए हैं 20 अंक