3 जून से परिवहन विभाग का राज्यव्यापी विशेष अभियान, अवैध मॉडिफिकेशन वाले वाहनों पर होगी सख्त कार्रवाई, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग कल से राज्यभर में विशेष प्रवर्तन अभियान शुरू करने जा रहा है. अभियान के तहत ऐसे वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी जिनमें नियमों के विपरीत संशोधन (मॉडिफिकेशन) किए गए हैं या जो मोटर वाहन अधिनियम एवं केंद्रीय मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं.

परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार प्रवर्तन अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वाहन की मूल संरचना (बॉडी/चेसिस) में अवैध परिवर्तन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. वाहन के प्रकार, बैठने की क्षमता, रंग, वजन क्षमता अथवा अन्य तकनीकी विशेषताओं में बिना अनुमति बदलाव पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.अभियान के दौरान वाहनों पर बिना अनुमति लगाई गई लाल-नीली बत्ती, फ्लेशर, स्ट्रोब लाइट, बीकन लाइट तथा हूटर को तत्काल हटवाया जाएगा. ऐसे मामलों में वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. विभाग का मानना है कि इन उपकरणों का अनधिकृत उपयोग आम नागरिकों में भ्रम की स्थिति पैदा करता है तथा यातायात व्यवस्था को प्रभावित करता है.इसके अलावा प्रेशर हॉर्न और एयर हॉर्न लगाने वाले वाहनों को भी विशेष रूप से चिन्हित किया जाएगा. ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे उपकरणों को मौके पर ही हटवाने के साथ-साथ वाहन चालक के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से इसे गंभीर उल्लंघन माना गया है.    

अभियान में वाहनों के शीशों पर निर्धारित मानकों से अधिक काली फिल्म लगाने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा. नियमों के विपरीत ब्लैक फिल्म पाए जाने पर उसे मौके पर हटवाकर चालानी कार्रवाई की जाएगी. परिवहन विभाग का कहना है कि काली फिल्म अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है.वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, पदनाम, मोनोग्राम, स्टिकर, प्रतीक चिन्ह अथवा विशेष पहचान दर्शाने वाले लेखन की भी जांच की जाएगी. विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन की बॉडी पर नियमों के विपरीत किसी प्रकार का लेखन या प्रतीक अंकित करना मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है.विशेष अभियान के दौरान फर्जी, अपठनीय अथवा मानक के विपरीत नंबर प्लेट लगाने वाले वाहनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी. हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगाने वाले वाहनों की जांच कर नियमानुसार चालान किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर ऐसे वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है.परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने आमजन से अपील की है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित नियमों के अनुरूप रखें तथा किसी भी प्रकार के अवैध संशोधन से बचें. उन्होंने कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं अनुशासित बनाना है. अभियान राज्यभर में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा और नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.