जयपुरः 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन का शुभारंभ हुआ. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि तकनीक ने भ्रष्टाचार की गुंजाइश को खत्म किया. पहले दिल्ली से भेजे गए 1 रुपये में से गांव तक सिर्फ 15 पैसे पहुंचते थे. लेकिन ई-गवर्नेंस से जितना पैसा आता है उतना पैसा मिलता. 85 पैसों पर पंजा मारा जाता था और तब की सरकार लाचार थी. पीएम मोदी ने पंजा मारने की गुंजाइश समाप्त कर दी. अब योजनाओं का पूरा पैसा लाभार्थी तक पहुंच रहा है.
अब बिचौलियों की व्यवस्था खत्म हुई. डिजिटल इंडिया और UPI की सीएम ने तारीफ की. कहा कि शुरुआत में UPI का मजाक उड़ाया गया. आज छोटे दुकानदार और रेहड़ी वाले भी डिजिटल पेमेंट कर रहे. विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में डिजिटल तकनीक आधारभूत भूमिका निभा रही. मंथन से हमेशा रत्न निकलते हैं. इस सम्मेलन से भी देश को नई दिशा मिलेगी. सीएम ने राजस्थान संपर्क पोर्टल की उपलब्धियां गिनाई. हर महीने 2.5 से 3 लाख शिकायतों का निस्तारण हो रहा.
2 साल में स्टार्टअप 4000 से बढ़कर 8500 हुएः
AI का इस्तेमाल प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग में बढ़ाने पर जोर. राजस्थान में स्टार्टअप को लेकर सीएम ने कहा कि 2 साल में स्टार्टअप 4000 से बढ़कर 8500 हुए. स्टार्टअप निवेश 250 करोड़ से बढ़कर 1000 करोड़ के पार. 1.28 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा. डिजिटल कनेक्टिविटी पर सरकार का फोकस है. 1680 किमी ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क विस्तार का दावा है. राजस्थान में 900 से डिजिटल सेवाएं उपलब्ध है.