VIDEO: द्रव्यवती नदी पर बनेगा भव्य एलिवेटेड रोड, JDA ने जारी की DPR के लिए टेंडर प्रक्रिया, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर की द्रव्यवती नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर है. करीब 5 हजार करोड़ रुपए लागत के इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए जेडीए ने निविदा जारी कर दी है. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने वर्ष 27 फरवरी को मौजूदा वित्तीय वर्ष के वित्त व विनियोग विधेयक पर हुई चर्चा के जवाब में इस प्रोजेक्ट की घोषणा की थी. इसके तहत द्रव्यवती नदी पर 36 किलोमीटर लंबाई में एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की इस घोषणा को मूर्त रूप देते हुए जेडीए ने प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने के लिए निविदा जारी कर दी है.

द्रव्यवती नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को लेकर बड़ी खबर: 
-5 हजार करोड़ रुपए के लागत के प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर
-जेडीए ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के लिए जारी की निविदा
-डीपीआर बनाने के लिए कंसल्टैंसी फर्मों से मांगे आवेदन
-5.78 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जाएगी डीपीआर
-मजार डेम से लेकर महल रोड पर बॉम्बे हॉस्पिटल तक प्रस्तावित है एलिवेटेड रोड
-डीपीआर के आधार पर जेडीए प्रोजेक्ट की जारी करेगा निविदा
-निविदा जमा कराने का तय समय है 26 मई शाम 6 बजे तक
-डीपीआर तैयार करने के लिए दिया जाएगा कुल 6 माह का समय
-अनुबंधित फर्म पहले फिजिबिलिटी रिपोर्ट करेगी तैयार
-कार्यादेश मिलने के दो महीने में फिजिबिलिटी रिपोर्ट करेगी तैयार
-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में ही पता चलेगा कि
-इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारना फिजिबल है या नहीं
-प्रोजेक्ट फिजिबल होने पर ही आगे डीपीआर की जाएगी तैयारी
-शेष बचे चार महीनों में डीपीआर की जाएगी तैयार

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने में कई तरह की मुश्किलें है. लेकिन अगर यह प्रोजेक्ट पूरा किया जाता है तो शहर के यातायात सुधार में यह मील का पत्थर साबित हो सकता है.

इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की राह में हैं कुछ मुश्किलें: 
-टोंक रोड पर बंबाला पुलिया पर मेट्रो का प्रस्तावित एलिवेटेड कोरिडोर,
-नारायणा हॉस्पिटल पुलिया से आगे IOCL की भूमिगत पाइप लाइन और
-इससे आगे 1000 मीटर लंबा रामचंद्रपुरा डैम है
-इन तमाम निर्माण,हाईटेंशन लाइन और
-विभिन्न प्रकार के डैम को देखते हुई किस तरह यह प्रोजेक्ट है फिजिबल
-इसको लेकर ही डीपीआर में दी जाएगी जानकारी
-इस प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट में जो आएंगी शहर की प्रमुख सड़कें
-उन सड़कों पर उतरने और उन सड़कों से एलिवेटेड पर चढ़ने के लिए होंगे प्रस्तावित
-इस प्रोजेक्ट में क्लोवर लीफ किए जाएंगे प्रस्तावित
-इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होने में चार से पांच साल लगने की है संभावना
-इस 36 किमी लंबी एलिवेटेड रोड की राह में सीकर डैम,
-दो किलोमीटर से अधिक लंबाई में सैन्य छावनी क्षेत्र,
-सुशीलपुरा पुलिया पर अजमेर एलिवेटेड रोड,
-आतिश मार्केट पर जयपुर मेट्रो का एलिवेटेड कोरिडोर,
-शिप्रा पथ पर टेक्नोलोजी पार्क पर हाईटेंशन लाइन,
-सांगा सेतु पुलिया पर जेडीए का प्रस्तावित एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट
-इसके आगे है 1 हजार मीटर लंबा गूलर बांध
-यह नदी करीब 42 किमी लंबाई में आपस में है जोड़ती
-शहर के एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ती है यह द्रव्यवती नदी
-इस नदी के दोनों तरफ हैं शहर की घनी आबादी के कई इलाके
-नदी पर बनी एलिवेटेड रोड पर आवागमन से हो जाएगा कम
-शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव होगा कम
-जिन वाहन चालकों को इस नदी के एक छोर से दूसरे छोर की तरफ
-और नदी के पास बसे इलाकों में करना होता है आवागमन
-वे वाहन चालक इस नदी पर एलिवेटेड का कर सकेंगे उपयोग

निविदा में आने वाले प्रस्तावों की जेडीए की ओर से जांच की जाएगी और न्यूनतम दर देने वाली फर्म का चयन किया जाएगा. कार्यादेश देने के छह महीने में फर्म डीपीआर तैयार करेगी. जानकारों के मुताबिक जेडीए इस 36 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट को तीन या चार पैकेज में विभाजित करेगा. फिर अलग-अलग पैकेज वार जेडीए निविदा जारी करेगा. इसके पीछे जेडीए की मंशा है कि अलग-अलग लंबाई में मौके पर काम शुरू किया जा सके और यह काम निर्धारित समय में पूरा किया जाए.