VIDEO: 6 साल के बाद फिर होंगे NSUI संगठन चुनाव, सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का हुआ गठन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कांग्रेस के अग्रिम संगठन एनएसयूआई में भी अब जल्द संगठन चुनाव होंगे. चुनाव के लिए बाकायदा सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का गठन कर दिया गया है. संगठन में करीब 6 साल बाद यह चुनाव फिर से शुरु होंगे. कोविड औऱ अन्य कारणों के चलते साल 2020 में संगठन चुनाव पर ब्रेक लग गए थे. संगठनात्मक चुनाव तीन चरणों में होंगे.

यूथ कांग्रेस के बाद अब जल्द एनएसयूआई में भी संगठन चुनाव होंगे. संगठन ने चुनाव कराने के लिए तीन नेताओं की सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का भी गठन कर दिया है. 6 साल के ब्रेक के बाद संगठन ने फिर से चुनाव कराने का फैसला लिया है. आखिरी बार साल 2020 में संगठन चुनाव हुए थे. देशभर में एनएसयूआई संगठन चुनाव तीन चरणों में करेगी.

6 साल के ब्रेक के बाद NSUI में फिर होंगे संगठन चुनाव
संगठन ने चुनाव के लिए सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी का किया गठन
साल 2020 में आखिरी बार हुए थे NSUI में संगठन चुनाव
कोविड औऱ अन्य कारणों के चलते फिर संगठन चुनाव पर लग गई रोक
देशभर में तीन चरणों में हो सकते है संगठन चुनाव
पहले चरण में उन राज्यों में चुनाव होंगे, जहां प्रदेश अध्यक्ष के पद खाली है
सेकंड फेज में 5 साल का प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले राज्य शामिल होंगे
आखिरी चरण में 3 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले राज्यों में होंगे चुनाव
राजस्थान में संगठन चुनाव होंगे पहले चरण में 
राजस्थान में लास्ट 2017 में अभिमन्यु पूनिया चुनाव से बने थे प्रदेश अध्यक्ष
 पूनिया को हटाने के बाद अभिषेक चौधरी को 2020 में बनाया प्रदेश अध्यक्ष
फिर कोविड के चलते टले चुनाव अब तक नहीं हो पाए
ऐसे में राजस्थान में करीब 9 साल बाद होंगे संगठन चुनाव

दरअसल कांग्रेस के इस छात्र संगठन की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है जिसके चलते पार्टी गतिविधियां संचालन में काफी परेशानी आ रही है. वहीं कईं प्रदेश अध्यक्ष संगठन की सोच के तहत काम नहीं कर पा रहे है. ऐसे में संगठन को नई धार देने और काम करने वालों को आगे लाने  के लिए फिर से चुनाव कराने का फैसला लिया है. चुनाव प्रक्रिया क्या रहेगी औऱ मेंबरशिप राशि कितनी तय की जाए, जल्द इसको लेकर अथॉरिटी फैसला करेगी. हालांकि संगठन चुनाव लगभग पुराने फॉर्मेट से ही होना तय है. पहले मेंबरशिप प्रोग्राम चलेगा औऱ उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष, महासचिव और जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर चुनाव होगा.

दरअसल आम घर के प्रतिभावान और गैर राजनीतिक पृष्ठभूमि के युवाओं को राजनीति में आगे लाने के लिए राहुल गांधी ने एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस में संगठन चुनाव मॉडल लागू किया था. संगठन चुनाव का मकसद नो डाउट अच्छा था लेकिन बाद में इसमें धनबल का बाहुल्य बढ़ गया. कईं नेताओं ने राहुल गांधी से संगठन चुनाव पर रोक लगाने की भी मांग की. लेकिन राहुल गांधी अपने फैसले पर अडिग रहे.