जयपुर: मानसून की दस्तक से पहले प्री-मानसून की बारिश ने जयपुरवासियों को चिंता में डाल दिया क्योकि प्री-मानसून में जो बारिश हुई उसी से जलभराव के हालात पैदा हो गए - डर है कि जब मानसून दस्तक देगा और जमकर मेघ बरसेंगे तो जयपुर फिर से जलपुर बनता नजर आएगा, लेकिन इस बार नगर निगम ने दावा किया है कि हालात संभालने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. नगर निगम ने शहर के 7 अलग-अलग जोनों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं. ये नियंत्रण कक्ष 15 जून से सक्रिय कर दिए गए हैं और मानसून समाप्त होने तक लगातार काम करेंगे. हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. संसाधनों की व्यवस्था कर दी गई है. और अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
इन जगहो पर बाढ नियंत्रण कक्ष और हैल्पलाइन नंबर
मानसरोवर – 0141-2395566
मालवीय नगर – 0141-2755930
विश्वकर्मा फायर स्टेशन – 0141-2330080
खिरनी फाटक – 0141-8764880018
घाटगेट – 0141-261550
आमेर – 0141-2531282
कांवटिया सर्किल (सिविल लाइंस) – 0141-2203518
मौसम विभाग के अनुसार इस माह के अंतिम सप्ताह तक मानसून जयपुर में दस्तक दे सकता है. ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी नगर निगम ने बारिश से पहले अपनी तैयारियों का खाका पेश कर दिया है, नगर निगम क्षेत्र में कुल 7 बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं. इनका उद्देश्य शहर में कहीं भी जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति या आपात परिस्थिति उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है, निगम प्रशासन का दावा है कि इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से किसी भी तरह की शिकायत या सूचना मिलते ही तुरंत टीम मौके पर पहुंचेगी और राहत कार्य शुरू किया जाएगा, नगर निगम ने शहर के अलग-अलग इलाकों को कवर करने के लिए रणनीतिक रूप से इन 7 बाढ़ नियंत्रण कक्षों को स्थापित किया है. जिससे पूरे शहर पर नजर रखी जा सके. सभी जोनों के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, ताकि नागरिक सीधे अपने क्षेत्र के कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकें, ये हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए उपलब्ध होंगे.
बाढ नियंत्रण कक्षों पर आपात स्थिति की तैयारी
करीब 15,000 मिट्टी के कट्टे हमेशा उपलब्ध रहेंगे
हैल्पलाइन पर शिकायत मिलते ही टीम होगी अलर्ट
दो ट्रैक्टर ट्रॉली,मड पंपलाइफ जैकेट नाव और अन्य जरूरी उपकरण रहेगे मौजूद
नगर निगम ने सिर्फ कागजी तैयारी तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी संसाधनों की व्यवस्था का दावा किया है. बाढ़ नियंत्रण कक्षों पर भारी मात्रा में जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, इन संसाधनों का इस्तेमाल जलभराव वाले इलाकों में पानी निकालने, लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और नुकसान को कम करने के लिए किया जाएगा, नगर निगम ने इन बाढ़ नियंत्रण कक्षों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी तय कर दी है, प्रत्येक कंट्रोल रूम पर एक प्रभारी अधिकारी के साथ अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई है. ताकि किसी भी तरह की शिकायत या आपात स्थिति का तुरंत समाधान किया जा सके. इसके साथ ही सभी जोन कार्यालयों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. पूरी व्यवस्था को लेकर अति आयुक्त नरेंद्र बंसल ने आधिकारिक आदेश जारी किए हैं. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी स्थिति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
बारिश की पहली फुहार जहां एक और सुकून लेकर आती है. वहीं जयपुर जैसे शहरों में ये डर भी साथ लाती है. कि कहीं फिर सड़कें तालाब न बन जाएं. कहीं घरों में पानी न घुस जाए हालाकि नगर निगम ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी का दावा जरूर किया है. लेकिन अब निगाहें आसमान पर नहीं बल्कि जमीन पर होंगी.