कांग्रेस के जिला कप्तान पुरानी कार्यकारिणी के भरोसे, अभी तक नई जिला कांग्रेस कमेटियों का नहीं हुआ गठन, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः संगठन सृजन अभियान के तहत राजस्थान कांग्रेस के सभी जिला अध्यक्षों की तो नियुक्ति हो चुकी है. लेकिन पांच माह गुजरने के बाद भी अभी तक उनकी नई टीम मतलब जिला कांग्रेस कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ है. दरअसल हर जिले में गुटबाजी के चलते  नामों पर आपसी सहमति नहीं बन पा रही है. जिसके चलते प्रदेश नेतृत्व अभी तक सूचियां जारी नहीं कर पा रहा है.

इंतहा हो गई इंतजार की, आई ना कोई खबर मेरे यार की. कुछ ऐसे ही हाल है राजस्थान कांग्रेस के जिलों के कप्तानों के. संगठन सृजन अभियान के तहत तमाम 50 जिला अध्यक्ष तो बन गए पर उनको अपनी नई टीम अभी तक नहीं मिली. ऐसे में पुरानी कार्यकारिणी के भरोसे ही काम चलाना पड़ रहा है. लेकिन पुरानी कार्यकारिणी को पता है नई टीम का ऐलान होते ही वो फ्री हो जाएंगे. लिहाजा वो भला फिर क्यों एक्टिव रहेंगे. ताज्जुब की बात है कि करीब एक माह पहले सभी जिला अध्यक्ष सूची मंजूरी के लिए प्रदेश नेतृत्व को भेज चुके है लेकिन फिर भी लिस्ट जारी करने मंजूरी नहीं मिली.

आखिर कब होगा जिला कांग्रेस कमेटियों का गठन
संगठन सृजन के तहत तमाम 50 जिला अध्यक्षों की हो चुकी है नियुक्ति
करीब 5 माह पहले 45 और तीन माह पहले बने थे 5 जिला अध्यक्ष
लेकिन जिला कप्तानों को अभी तक नहीं मिली नई टीम
दिल्ली में रिव्यू बैठक में हाईकमान ने दिए थे जल्द टीम गठन के निर्देश
करीब 1 माह पहले सभी जिला अध्यक्ष लिस्ट भेज चुके है प्रदेश नेतृत्व को
पर गुटबाजी के चलते नहीं बन रही नामों पर आपसी सहमति
कार्यकारिणी नहीं बनने से पुरानी टीम के भरोसे  चल रहा काम
पर पुराने पदाधिकारियों की निष्क्रियता के चलते संगठन गतिविधियां हो रही है प्रभावित

हालांकि पार्टी नेतृत्व किसी तरह की गुटबाजी नहीं होने के दावा कर रहा है. लेकिन लिस्ट जारी करने के बारे में भी कोई जवाब भी नहीं दे पा रहा है. वहीं सूची को फाइनल रुप देने में और देरी की एक वजह इस बार छोटी टीम बनाने के सख्त आदेश भी है. जिसके चलते किस नेता को ले औऱ किस नेता को नहीं ले जैसी परेशानी खड़ी हो गई है. अब इसमें नया अपडेट सामने यह आ रहा है कि कुछ दिनों पहले लगाए गए जिला प्रभारी और सह प्रभारियों को अब सूची को क्रॉस चैक करने का टास्क दिया है.

हालांकि पीसीसी चीफ का अब यह भी दावा है कि अगले माह मई में सभी जिलों की कार्यकारिणी घोषित कर देंगे. लेकिन देरी की वजह से राहुल गांधी के संगठन सृजन मॉडल पर भी सवाल खड़े होने लगे है. क्योंकि एक तरफ तो आप जिला अध्यक्षों को सियासी रुप से ताकतवर बनाने का दावा करते हो दूसरी तरफ पांच माह बाद भी उसे काम करने के लिए अपनी टीम बनाकर नहीं दे रहे हो. अब देखना है कि कैसे आपसी सहमति बनाकर अगले माह सूचियां जारी होती है.   

कांग्रेस के जिला कप्तान पुरानी कार्यकारिणी के भरोसे
अभी तक नई जिला कांग्रेस कमेटियों का नहीं हुआ गठन
सभी जिला अध्यक्ष भेज चुके है प्रदेश नेतृत्व को सूची
लेकिन आपसी सहमति नहीं बनने के चलते लिस्ट नहीं हो रही जारी
पुराने पदाधिकारियों के रुचि नहीं लेने से संगठन गतिविधियां हो रही है प्रभावित