जयपुरः बीजेपी नेताओं का अचानक से कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट की ओर सॉफ्ट रुख नजर आ रहा है.प्रभारी के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सचिन पायलट को एक परिपक्व, सौम्य और समझदार नेता बताया. ये भी कहा कि कांग्रेस में लगातार पायलट का अपमान हो रहा.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत की ओर से बीजेपी प्रदेश प्रभारी डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल पर पलटवार ने "पायलट " नाम को हवा दे दी है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन ने अग्रवाल के बहुरूपिया बयान का बचाव किया और पूर्व सीएम गहलोत के बयानों पर पलटवार लिया. बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में मदन राठौड़ ने सचिन पायलट पर सॉफ्ट रुख अपनाया. मदन राठौड़ ने पायलट को लेकर नरम रुख दिखाते हुए कहा कि वे एक परिपक्व, सौम्य और समझदार नेता हैं, जिन्हें अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला खुद करना चाहिए. मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस में पायलट का लगातार अपमान हो रहा है और यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई उन्होंने इशारों में अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि पायलट को “निकम्मा” और “नाकारा” जैसे शब्द कहना उचित नहीं था. उनके मुताबिक, इस तरह की भाषा किसी भी सम्मानित नेता के लिए अपमानजनक है और इसके असर लंबे समय तक रहते हैं. राठौड़ ने कहा रास्ट्र प्रथम रखने वालों का भाजपा में स्वागत हमेशा रहा है, पायलट अच्छे व्यक्ति है, ये हम मानते हैं. कांग्रेस में उनको सम्मान नही मिल रहा है.
मदन राठौड़ ने सचिन पायलट के गुण बताते हुए कहा किउन्होंने कभी भी “लूज टॉक” नहीं की और हमेशा संयमित भाषा का इस्तेमाल किया. वे सरल, शांत और विवेकवान नेता हैं.मदन राठौड़ ने यह भी कहा कि कांग्रेस के भीतर ही कई नेता पायलट से दूरी बनाए हुए हैं, जो उनके साथ हो रहे व्यवहार को दर्शाता है. राठौड़ ने यह स्पष्ट किया कि भाजपा पायलट को लेकर कोई सक्रिय भूमिका नहीं बना रही है. उन्होंने कहा, “हर व्यक्ति को अपने विवेक से निर्णय लेना होता है. पायलट बुद्धिमान हैं, उन्हें देश और अपने भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहिए,” साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा उन सभी लोगों का स्वागत करती है, जिनमें राष्ट्र प्रथम की भावना और राष्ट्रीय चरित्र हो. राष्ट्र प्रथम रखने वालों का भारतीय जनता पार्टी हमेशा सम्मान करती है. यह सही है कि कांग्रेस में सचिन पायलट का अब सम्मान नहीं है. पूर्व मुख्यमंत्री के पूर्व में दिए बयान और मौजूदा स्थिति में दिए जा रहे बयानों से यह साफ है कि आज भी वह उन्हें स्वीकार नहीं करना चाहते.मदन राठौड़ ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल के बयान का भी बचाव किया. उन्होंने “बहुरूप” शब्द को लेकर सफाई देते हुए कहा कि इसका मतलब अपमान नहीं, बल्कि पायलट के बहुआयामी व्यक्तित्व से है.
राजस्थान की सियायत में अक्सर मानेसर का जिन्न सामने आ जाता है. अबकी राग अलापा बीजेपी प्रदेश प्रभारी और बाद में पूर्व सीएम गहलोत ने पायलट की दोनों को टांग कांग्रेस में बताकर आपसी एकता की बात कह दी. अब मदन राठौड़ ने सचिन पायलट को ऑफर देकर नई बहस छेड़ दी.