अंता विधानसभा उप चुनाव, BJP की हाईटेक रणनीति... अपनाया जा रहा बिहार मॉडल, देखिए खास रिपोर्ट

अंता विधानसभा उप चुनाव, BJP की हाईटेक रणनीति... अपनाया जा रहा बिहार मॉडल, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः अंता विधानसभा उप चुनाव फतेह करने के लिए बीजेपी चार लेयर रणनीति पर काम कर रही. साथ ही अपनाया जा रहा बिहार मॉडल. बिहार मॉडल के तहत बीजेपी ने अंता के वोटर्स के बारे में ये जानने का प्रयास किया है कि कौन वोटर बीजेपी का मानसिकता का है और कौन विरोधी विचारों को मानने वाला. विरोधी वोटर को डिस्टर्ब माना गया है और उसे साधने का काम पर शुरू हो गया है.

चुनाव अब तकनीक का भी है. AI का समावेश हो चुका है. बिहार चुनाव को बीजेपी हाईटेक मैनेजमेंट के अनुसार लड़ रही. वोटर्स और उनके परिवारों की मानसिकता को जांच लिया गया है. ये परिवार बीजेपी को फॉलो करते है या नहीं उसे जांच लिया गया है. जो बीजेपी विचारधारा के धुर विरोधी वोटर है उन्हें डिस्टर्ब कहा गया. अंता विधानसभा उप चुनाव को लेकर बीजेपी की गंभीरता देखिए बीजेपी ने बिहार मॉडल को अपनाया है भले ही चुनाव एक सीट पर क्यों ना हो.

----अंता विधानसभा उप चुनाव और बीजेपी का मॉडल---
-बिहार मॉडल के एक पुट का बीजेपी अंता में इस्तेमाल कर रही
-अंता में मतदाता का मिज़ाज भांपा गया है
-पता लगाया है कि कौन वोटर या परिवार किस राजनीतिक दल की विचारधारा को फॉलो करता है
- परिवार में भी कौन वोटर बीजेपी का है या विरोधी दल का ये भी पता लगा लिया गया
- जो वोटर बीजेपी विचारों को सालों से नहीं मान रहा उसे "डिस्टर्ब वोटर" कहा गया
- डिस्टर्ब वोटर सधे तो ठीक नहीं सधा तो अन्य सियासी विकल्प तलाशे जा रहे

बिहार मॉडल के साथ ही बीजेपी अपने परम्परागत रणनीति के साथ अंता के चुनावी समर में उतरी है. ये रणनीति बीजेपी के संगठन सिस्टम और विचार परिवार से उपजी है. इसके तहत चार लेयर रणनीति पर काम होता है. बीजेपी के चुनाव प्रत्याशी से परे ये चार लेयर रणनीति काम कर रही.

---अंता में बीजेपी की चार लेयर रणनीति----
- मंडल प्रभारी-मंडल प्रवासी और विधानसभा प्रभारी और विधानसभा प्रवासी
- 268 बूथ केंद्रों पर प्रमुख नेताओं को जिम्मा
- 6 मंडलों पर प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी 
-संयोजक सम्बन्धित विधानसभा क्षेत्र का निवासी 
-प्रभारी उसे बनाया गया जो क्षेत्र से बाहर का है
-प्रवासी उसे तैनात किया गया जो उस जिले से बाहर का
-7 से 10बूथों को मिलाकर शक्ति केंद्र बनाया गया
 "कमरा बैठक " की भी रणनीति का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल
प्रमुख लोगों के लिए कमरा बैठको की रचना की गई

अंता उपचुनाव में पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल की एंट्री! की भी चर्चा है. इससे किसको नफा और किसको नुकसान इसे लेकर भी रणनीति दिख रही. अंता विधानसभा क्षेत्र में दलित वर्ग के वोट सर्वाधिक है रामपाल मेघवाल के कारण मुकाबला चार कोणीय हो जाएग. बीजेपी को लग रहा मेघवाल के बागी होने से उन्हें नुकसान है मगर विश्लेषक कुछ ओर ही कह रहे कांग्रेस प्रत्याशी को सीधा नुकसान हो सकता है क्योंकि दलित वोट परंपरागत तौर पर कांग्रेस का माना जाता रहा है
मेघवाल समीकरण से नरेश मीणा को भी हानि हो सकती है. हालांकि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का कहना है कि मान मनुहार की जा रही 

हाड़ौती की अंता सीट बीजेपी के लिए चुनौती पूर्ण है. कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन भाया यहां के दिग्गज कहे जाते है. बीजेपी की सोच है कि मोरपाल सुमन एक कार्यकर्ता के जरिए दिग्गज को चुनाव हराया जाए