VIDEO: जोधपुर मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं के मुरीद CS, CS वी श्रीनिवास की स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक की झलकियां, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: जोधपुर दौरे से लौटे मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन में चिकित्सा विभाग के कामकाज का रिव्यू किया.इस दौरान उन्होंने जोधपुर मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा सेवाओं की बेस्ट प्रेक्टिसेज की न सिर्फ खुलकर तारीफ की, बल्कि अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन व्यवस्थाओं को प्रदेशभर में लागू किया जाए.खासतौर पर उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में मौजूद ओटी को मॉड्यूलर ओटी में विकसित करने के निर्देश दिए, साथ ही नवजात शिशु देखभाल इकाइयों की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए. मुख्य सचिव वी श्रीनिवास दोपहर तीन बजे स्वास्थ्य भवन पहुंचे, जहां उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन, आरजीएचएस सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की.

श्रीनिवास ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा की स्वास्थ्य विभाग की लगातार मॉनिटरिंग करने से मातृ मृत्यु दर में सुधार हुआ है,उन्होंने कहा कि इस संबंध में जारी गाइडलाइन की प्रभावी पालना के साथ इसकी नियमित एवं गहन मॉनिटरिंग की जाए. उन्होंने प्रसव सुविधा वाले सभी चिकित्सा संस्थानों में ऑटोक्लेव मशीन की उपलब्धता के साथ उसकी नियमित क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने अस्पताल अधीक्षकों को उपलब्ध सेवाओं के अनुरूप बेड ऑक्यूपेंसी रेट की नियमित समीक्षा करने के भी दिए निर्देश.

जिलों में अब सीएमएचओ के जिम्मे रहेंगे "NICU":
-CS वी श्रीनिवास की स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक की झलकियां
-मुख्य सचिव ने बैठक में जिलेवार नवजात शिशु देखभाल इकाइयों का किया रिव्यू
-इस दौरान उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों के प्रभारियों को दिए सख्त निर्देश
-नवजात शिशु देखभाल इकाइयों की  शत-प्रतिशत क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश
-उन्होंने इस महत्वपूर्ण काम के लिए सभी जिलों के सीएमएचओ की जिम्मेदारी तय की
-साथ ही कहा कि वे इन इकाइयों की नियमित मॉनिटरिंग कर जरूरी व्यवस्थाएं करें पूरी

मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विषयों का हो व्यापक प्रचार प्रसार:
-CS वी श्रीनिवास ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक में दिए निर्देश
-CS ने परिवार कल्याण, स्तनपान एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य विषय पर की चर्चा
-साथ ही इन विषयों पर आमजन को जागरूक करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
-अस्पतालों में प्रभावी प्रचार-प्रसार सामग्री प्रदर्शित करने के दिए निर्देश
-उन्होंने चिकित्सा संस्थानों में प्रसव भार के अनुरूप स्त्रीरोग विशेषज्ञों एवं
-शिशु रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता एवं अनुपात की भी समीक्षा करने पर जोर दिया
-उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में स्थापित प्रत्येक यूनिट का स्पष्ट रोस्टर तैयार किया जाए
-उसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए, ताकि सेवाओं के संचालन में किसी तरह की कमी न रहे

सीएस ने की प्रसव सखी हेल्प डेस्क कार्यक्रम की सराहना:
-CS वी श्रीनिवास की स्वास्थ्य भवन में आयोजित बैठक से जुड़ी खबर
-मुख्य सचिव ने अस्पतालों में प्रसूताओं की सुविधा को लेकर की चर्चा
-इस दौरान उन्होंने प्रसव सखी हेल्प डेस्क कार्यक्रम की सराहना की
-साथ ही कहा कि प्रसूताओं एवं उनके परिजनों को मिले बेहतर मार्गदर्शन
-इसके लिए प्रसव सखी हेल्प डेस्क व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाए
-उन्होंने उप स्वास्थ्य केन्द्र से सीएचसी स्तर तक के मरीजों के लिए दिए निर्देश
-विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध करवाने के लिए टेली-कंसल्टेशन उपलब्ध कराने के निर्देश
-उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी एवं
-पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी यूनिट्स को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने पर जोर दिया
-उन्होंने एनेस्थीसियोलॉजी, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा शिशु रोग विभागों की समीक्षा की
-इन विभागों के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार रिक्त पदों को भरने के दिए निर्देश

बैठक में प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरजीएचएस योजना में पारदर्शिता एवं वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम लगातार किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि आरजीएचएस के तहत स्वयं का फार्मेसी बिलिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिसका पायलट उपयोग शुरू हो चुका है और इसे अगले माह तक पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि दवाइयों पर होने वाले अतिरिक्त व्यय को नियंत्रित करने के लिए प्राइस बेंचमार्क भी स्थापित किया गया है. इससे दवाइयों की खरीद एवं भुगतान प्रक्रिया में बेहतर वित्तीय नियंत्रण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.  इस दौरान पीएचएस गायत्री राठौड ने अन्य कई बिन्दुओं पर खास बातचीत हुई.