VIDEO: राजस्थान में मौसमी बीमारियों की "एक्सप्रेस एंट्री", सितम्बर माह के शुरूआती तीन दिनों में स्वाइन फ्लू के 51 केस, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में बरसाती सीजन के बीच मौसमी बीमारियों की "एक्सप्रेस एंट्री" ने चिकित्सा विभाग को हरकत में ला दिया है.सितम्बर माह के शुरूआती तीन दिनों को देखे तो स्वाइन फ्लू के 51 केस सामने आए है.इसके अलावा स्क्रब टायफस के 53 और डेंगू के 71 केस चिन्हित किए गए है.केन्द्र के अलर्ट और बीमारियों की सक्रियता को देखते हुए खुद प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड ने छुट्टी के दिन बैठक लेकर फील्ड अधिकारियों को सघन सर्वे और विशेष निगरानी के निर्देश दिए है.

प्रदेश में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और स्वाइन फ्लू सहित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने मोर्चा संभाला है.बरसात के सीजन के साथ ही एकाएक बढ़ी बीमारियों को देखते हुए राठौड ने आज वीसी के जरिए प्रदेशभर के हालात की समीक्षा की और फील्ड अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्वे और विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि रेपिड रेस्पांस टीमों की कार्यवाही के साथ एंटीलार्वा गतिविधियों, सोर्स रिडक्शन तथा अन्य रोकथाम गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए.उन्होंने सर्वे कार्य में तेजी लाने के लिए राजकीय एवं निजी नर्सिंग कॉलेजों से आवश्यक सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए हैं.

मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर अलर्ट: 
-प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने की प्रदेशभर की समीक्षा
-वीसी के जरिए सभी सीएमएचओ, पीएमओ से रूबरू हुई राठौड
-उन्होंने प्रभावित इलाकों में सघन सर्वे और विशेष मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
-साथ ही संपर्क में आए लोगों के उपचार का विशेष ध्यान देने के दिए निर्देश
-उन्होंने कहा कि जो भी मरीज पॉजिटिव आए, उसकी 14 दिन रखें निगरानी
-एनीमिया प्रबंधन में कम प्रगति वाले क्षेत्रों में तत्काल सुधार करने के भी निर्देश

कच्ची बस्ती-हॉस्टल्स पर रखे विशेष निगरानी: 
-मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर चिकित्सा विभाग अलर्ट
-प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने की प्रदेशभर की समीक्षा
-उन्होंने जिलेवार स्वाइन फ्लू एवं अन्य मौसमी बीमारियों की ली रिपोर्ट
-साथ ही कहा कि प्रभावित मरीजों के साथ ही संपर्क में आए लोगों पर भी रखा जाए ध्यान
-चिकित्सा संस्थानों में दवाओं, जांच किट्स और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता एवं
-क्रियाशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
-उन्होंने स्वाइन फ्लू के अधिक प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर कच्ची बस्तियों तथा
-कोचिंग हब वाले जिलों में हॉस्टल्स पर विशेष ध्यान देने के दिए अधिकारियों को निर्देश
-उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में स्वच्छता,सघन सर्वे और मच्छररोधी गतिविधियां हो नियमित
-जोन स्तर पर JD स्तर के अधिकारियों को सौंपी इन गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी

मातृ-शिशु सेवाओं में बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही: 
-चिकित्सा विभाग की समीक्षा बैठक में पीएचएस गायत्री राठौड की सख्ती
-पिछले सात दिनों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन, डिलीवरी तथा
-मातृ मृत्यु के मामलों की समीक्षा के दौरान पीएचएस गायत्री राठौड ने दिए निर्देश
-प्रसव पूर्व जांच से लेकर प्रसव एवं प्रसवोत्तर देखभाल में गंभीरता बरतने के निर्देश
-साथ ही कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई
-उन्होंने चूरू में हुई एक मातृ मृत्यु के मामले में संबंधित जीएनएम पर कार्रवाई के दिए निर्देश
-राठौड़ ने भरतपुर एवं बीकानेर जोन में एनीमिया प्रबंधन की कम प्रगति पर जताई नाराजगी
-बैठक में पीएचस ने दोनों जोन को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के दिए निर्देश
-इस दौरान उन्होंने नए चिकित्सा भवनों को जल्द क्रियाशील करते हुए सुविधाएं विकसित करने व
-सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं के निस्तारण में तेजी लाने के भी दिए निर्देश

बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम जोगाराम ने बच्चों के टीकाकरण में मीजल्स-रूबेला की दोनों डोज तथा एचपीवी वैक्सीन कवरेज बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला शिक्षा अधिकारियों से समन्वय कर एचपीवी वैक्सीनेशन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने स्वीकृत नए चिकित्सा भवनों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया जिला कलक्टर से समन्वय कर शीघ्र पूरी कराने तथा ट्रोमा सेंटर्स में निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार उपकरण, मानव संसाधन और अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे.