छात्राओं को मिलेगी साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी, 12 मार्च को ऑनलाइन जागरुकता सत्र, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः युवाओं को डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और महिला अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस मुख्यालय की ओर से एक विशेष ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 12 मार्च को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को वर्चुअल माध्यम से जोड़ा जाएगा.

राजस्थान पुलिस युवाओं को डिजिटल और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए एक अनूठी पहल करने जा रही है. पुलिस मुख्यालय के स्तर पर 12 मार्च को विशेष ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें साइबर सुरक्षा, महिला अधिकारों और सरकारी सुरक्षा योजनाओं के बारे में विद्यार्थियों को विस्तृत जानकारी दी जाएगी.पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा. इस पहल में स्कूल शिक्षा विभाग और उच्च शिक्षा विभाग का भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस कार्यक्रम से जुड़कर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें.कार्यक्रम का आयोजन एडीजी सिविल राइट्स लता मनोज कुमार के निर्देशन में किया जाएगा. इस दौरान विशेषज्ञ अधिकारी विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, महिला अधिकारों और नए आपराधिक कानूनों के बारे में विस्तार से मार्गदर्शन देंगे.  

कार्यक्रम को दो अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया जाएगा. पहला सत्र सुबह 11 बजे से 12 बजे तक होगा, जिसमें डीआईजी साइबर क्राइम विकास शर्मा विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे. इस सत्र में साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे, सोशल मीडिया और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग तथा ऑनलाइन ठगी से बचने के व्यावहारिक उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी. साथ ही विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि यदि वे किसी साइबर अपराध का शिकार हो जाएं तो किस तरह तुरंत शिकायत दर्ज कराई जा सकती है और उससे कैसे निपटा जा सकता है.कार्यक्रम का दूसरा सत्र दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित किया जाएगा. इस सत्र में डीआईजी क्राइम दीपक भार्गव विद्यार्थियों को नए आपराधिक कानूनों और महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देंगे. साथ ही महिला सुरक्षा से संबंधित सरकारी योजनाओं और कानूनी अधिकारों के बारे में भी विस्तार से बताया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें.पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान डिजिटल दौर में युवाओं को साइबर खतरों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है. सोशल मीडिया और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर अपराधों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में सही जानकारी और जागरूकता ही इन अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है.