जयपुर: वित्तीय वर्ष के समापन की ओर बढ़ते फरवरी–मार्च के माह में जयपुर नगर निगम ने राजस्व प्राप्ति को लेकर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. निगम प्रशासन ने सभी जोनों में बकाया यूडी टैक्स और अन्य शुल्कों की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाया है, जिसके तहत वार्ड और जोन स्तर पर कैंप आयोजित करने के साथ‑साथ अब बड़े पैमाने पर कुर्की की कार्रवाई भी जारी है. राजस्व लक्ष्य पूरा करने की दबावपूर्ण स्थिति में निगम अब कड़े रुख में दिखाई दे रहा है.
निगम के मुताबिक, गत कुछ सप्ताहों में हर जोन में बकाया संपत्तिधारकों को नोटिस जारी किए गए थे. नोटिसों में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समयसीमा में टैक्स जमा नहीं कराने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. कई वार्डों में नोटिस के बाद भी पर्याप्त संख्या में लोग टैक्स जमा कराने नहीं पहुंचे, जिसके चलते निगम की टीमें सुबह से शाम तक अलग‑अलग इलाकों में जाकर कुर्की की कार्रवाई कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि यूडी टैक्स, डेवलपमेंट शुल्क, लीज राशि और विभिन्न मंजूरी शुल्कों में करोड़ों रुपए का बकाया बाकी है.
राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए पहले चरण में कैंप आयोजित किए गए, जहां लोगों को छूट और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं देकर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया गया. बड़ी संख्या में लोगों ने इन कैंपों का लाभ लिया, लेकिन कई संपत्तिधारक लगातार नोटिस के बावजूद टैक्स नहीं जमा कर रहे थे. ऐसे मामलों में निगम की टीमें अब संबंधित संपत्तियों पर पहुंचकर आखिरी नोटिस चस्पा कर रही हैं और तुरंत प्रभाव से कुर्की की कार्रवाई दर्ज कर रही हैं. कुछ स्थानों पर निगम ने दुकानों के शटर सील किए, जबकि आवासीय संपत्तियों के बाहर भी कुर्की के बोर्ड लगाए गए. अधिकारियों का कहना है कि जब तक बकाया राशि जमा नहीं होती, कुर्क की गई संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का लेन‑देन, उपयोग या हस्तांतरण संभव नहीं होगा.
निगम आयुक्त ने सभी जोन अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि वे राजस्व लक्ष्यों को हर हाल में पूरा करें. इसके लिए प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्टिंग अनिवार्य की गई है. मार्च के अंत तक निगम को सालाना बजट के अनुरूप राजस्व प्राप्त करना होगा, इसलिए कुर्की अभियान को जारी रखने के आदेश दिए गए हैं. निगम अधिकारियों ने यह भी अपील की है कि संपत्तिधारक अंतिम समय तक का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपने बकाया टैक्स जमा करा दें, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े.
निगम का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से भुगतान की सुविधाएं उपलब्ध हैं तथा बकाया राशि की जानकारी जोन कार्यालयों और वेबसाइट पर भी मिल सकती है. मार्च का महीना शुरू होते ही यह कार्रवाई और तेज होने की संभावना है. निगम की ओर से साफ कर दिया गया है कि जिन संपत्तिधारकों ने अब भी लापरवाही बरती, उनकी संपत्तियां सीधी कुर्क की जाएंगी और संबंधित प्रकरणों में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.