जयपुर : कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने के प्रकरण को लेकर राज्य सरकार बेहद गंभीर है ! पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित कमेटी की सिफारिश पर राज्य सरकार ने दो चिकित्सकों और दो नर्सिंगकर्मियों को और निलंबित कर दिया है तथा जेके लोन अस्पताल तथा न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कोटा पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और आज दिनभर प्रकरण के विभिन्न पहलुओं पर समीक्षा की. इसके बाद इलाज एवं पर्यवेक्षणीय लापरवाही सामने आने पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, न्यू मेडिकल कॉलेज कोटा के आचार्य डॉ. बद्रीलाल तथा सह आचार्य डॉ. खुशबू मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. इसके अतिरिक्त जेके लोन अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है.
दो दिन में जारी हो अस्पताल के लिए जरूरी SOP
प्रमुख चिकित्सा शिक्षा सचिव गायत्री राठौड़ ने दिए निर्देश
अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए
न्यू मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को सौंपी जिम्मेदारी
विशेषज्ञ चिकित्सकों के सुझावों के आधार पर अस्पताल प्रोसीजर्स,
ब्लड ट्रांसफ्यूजन, पेशेंट ट्रीटमेंट रिकॉर्ड आदि पर l दो दिवस में एसओपी जारी करने के निर्देश
एसओपी की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के भी निर्देश
उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सकों एवं नर्सिंगकर्मियों को एसओपी के अनुसार कार्य करने के लिए प्रशिक्षण दिया जाए
मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार उपलब्ध कराया जाए
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर एवं
आपातकालीन इकाइयों में उपचार प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए
संक्रमण नियंत्रण, नियमित स्टरलाइजेशन, पोस्ट ऑपरेटिव मॉनिटरिंग एवं
दवा वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए
दो अस्पताल अधीक्षकों से जवाब तलब
कोटा में प्रसूताओं की मौत-तबीयत बिगड़ने का प्रकरण
प्रकरण में सामने आई प्रशासनिक एवं पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी को निभाने में लापरवाही
जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा एवं
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोटा के अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा को कारण बताओ नोटिस
नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर होगी कार्रवाई
इस पूरे प्रकरण को लेकर PHS राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार मरीजों की सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों में जवाबदेही तय की जा रही है तथा संस्थान प्रभारी एवं यूनिट हेड की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वे अस्पतालों में रात्रिकालीन समय भी दौरा कर व्यवस्थाओं का नियमित रूप से जायजा लें. अस्पतालों में रिकॉर्ड का संधारण व्यवस्थित एवं गाइडलाइन के अनुसार हो. साथ ही, मरीजों को दिए जाने वाले इलाज, दवा एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन आदि के नोट्स प्रोटोकॉल के अनुसार लिखे जाएं.