जयपुरः प्रदेश की बिजली कम्पनियों में बड़े पदों पर लगने के लिए एकबार फिर से जोर आजमाइश शुरू हो गई है. दरअसल, कम्पनियों में CMD/MD और निदेशक के 15 से अधिक पदों पर लगे अफसरों का कार्यकाल 30 जून को पूरा होने वाला है, जिसके चलते ऊर्जा विभाग के स्तर पर नए सिरे नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. इस कवायद को देखते हुए एक तरफ जहां मौजूदा अधिकारी "एक्सटेंशन" के लिए प्रयास में जुटे है, तो वहीं दूसरी ओर प्रमुख पदों पर लगने के लिए सीनियर टेक्नोक्रेट्स ने भी लॉबिंग शुरू कर रखी है.
ऊर्जा विभाग के अधीन आधा दर्जन से अधिक बिजली कम्पनियों में बड़े पद पर लगे अधिकारियों का कार्यकाल महज एक माह का बचा है. सभी कम्पनियों की बात की जाए तो पिछले साल 30 जून को CMD/MD और निदेशक के करीब 15 से अधिक महत्वपूर्ण पद पर एक साल के लिए नियुक्ति दी गई थी, जो कार्यकाल अब समाप्ति की ओर है. ऐसे में अब जैसे ही ऊर्जा विभाग ने प्रशासनिक पदों पर नए सिरे से नियुक्ति को लेकर कवायद शुरू की तो मौजूदा अधिकारियों के साथ ही नए दावेदारों ने भी लॉबिंग शुरू कर दी है. तीनों डिस्कॉम में करीब आधा दर्जन से अधिक टेक्नोक्रेट दावा ठोक रहे है. इसमें से कोई राजनीतिक एप्रोच लगा रहा है तो किसी ने प्रशासनिक स्तर पर प्रशासन शुरू किए है.
इन पदों का 30 जून 2026 तक कार्यकाल
RVUNL : सीएमडी, डायरेक्टर प्रोजेक्ट, डायरेक्टर टेक्निकल
अजमेर डिस्कॉम : मैनेजिंग डायरेक्टर, डायरेक्टर टेक्निकल
जयपुर डिस्कॉम : डायरेक्टर टेक्निकल
जोधपुर डिस्कॉम : डायरेक्टर टेक्निकल
RVPNL : डायरेक्टर टेक्निकल, डायरेक्टर ऑपरेशन
ऊर्जा विकास निगम : डायरेक्टर टेक्निकल
अक्षय ऊर्जा निगम : डायरेक्टर टेक्निकल
पावर वाली "फाइनेंस" की कुर्सी को अफसरों का इंतजार
बात बिजली कम्पनियों में अति महत्वपूर्ण निदेशक वित्त के पदों से जुड़ी
जयपुर डिस्कॉम, अजमेर डिस्कॉम और जोधपुर डिस्कॉम के अलावा
राजस्थान ऊर्जा विकास निगम में लम्बे समय से खाली चल रहा DF का पद
राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम में डायरेक्टर फाइनेंस का पद भी चार्ज के भरोसे
जबकि वित्तीय प्रबन्धन के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है DF पद
आश्चर्य की बात ये कि सभी कम्पनियों में मिलाकर डायरेक्टर फाइनेंस के सात पद
इसमें से पांच पदों की कुर्सियां लम्बे समय से खाली या फिर चल रही चार्ज के भरोसे
ऐसे में सवाल ये कि क्या डायरेक्टर फाइनेंस का पद सिर्फ कागजों में है जरूरी ?
बिजली के बड़े पदों को लेकर भले ही टेक्नोक्रेटस में लॉबिंग चल रही हो, लेकिन सूत्रों की माने तो ऊर्जा विभाग मौजूदा अधिकारियों को ही एक्सटेंशन देने के मूड में है. एक-दो पदों को छोड़ दे तो अधिकांश पदों पर मौजूदा अधिकारियों को एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव तैयार करके भेजा गया है. हालांकि, इस पूरे मामले में फाइनल फैसला उच्च स्तर पर ही किया जाना है