जयपुरः मेडिकल में बोनस अंक के फेर में बेरोजगार लुट रहे है. जम्बो भर्तियों के बाद खाली हुए पदों पर "ठेकाकर्मी" लगाने की "व्यवस्था" छवि बिगाड़ रही है. दरअसल, विभाग की भर्तियों में बरसों से कार्यरत अधिकांश ठेकेकर्मी चयनित हो चुके. भर्ती में बोनस अंक का फायदा मिलने से हजारों ठेकाकर्मियों की स्थाई नौकरी लगी.
इन भर्तियों के बाद जैसे ही ठेके के पद खाली हुए तो बेरोजगारों में ठेके पर लगने की होड़ मची. उम्मीद ये कि ठेके पर लग जाएंगे तो आगे बोनस अंक से स्थाई नौकरी की राह आसान होगी. बेरोजगारों की इस जरूरत का फायदा ठेकेदार और अस्पतालों के कुछ कर्ताधर्ता उठा रहे है. कई जिलों में तो ठेके पर नौकरी लगाने के लिए एजेंट सक्रिय, खुलेआम राशि मांगी जा रही है ठेके पर नौकरी लगाने के लिए बेरोजगारों को अलग-अलग तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है. SMS समेत कई अस्पतालों से अवैध वसूली के ऑडियो-वीडियो भी सामने आ चुके है.
ऐसे में सवाल ये कि क्या बेरोजगारों को लेकर चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर संवेदनशील है ? मेरिट पर काम करने वाली PHS गायत्री राठौड़ क्या इस गंभीर प्रकरण पर ध्यान देंगी ? क्या प्रदेशभर में बेरोजगारों को ठेके पर लगाने के लिए कोई गाइडलाइन तैयार की जाएगी ? या फिर "First come,first served" व लॉटरी के विकल्प पर भी विचार किया जाएगा.