PM Modi के संदेश को मूर्त रूप देने में जुटी राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी, सभी अधिकारियों को भौतिक बैठकों के बजाय VC के जरिए बैठकें करने के दिए निर्देश

जयपुर: सीएस वी श्रीनिवास ने मितव्ययता बरतते हुए सभी कलेक्टर्स, संभागीय आयुक्तों, आईजी और एसपी को ज्यादा से ज्यादा वीसी के जरिए बैठकें लेने के निर्देश दिए हैं. साथ ही अब कलेक्टर्स और एसपी जिले में एक साथ दौरा करेंगे और इसी तरह आईजी और संभागीय आयुक्त एक साथ ही दौरे पर जाने के सीएस ने निर्देश दिए हैं. 

वहीं शहरी सीमा में 150 किमी और बाहर के लिए 250 किमी की सीमा का ख्याल रखते हुए दौरे करने के निर्देश दिए हैं. सभी कलेक्टर्स, संभागीय आयुक्तों, आईजी और एसपी के साथ बैठक में सीएस ने ये निर्देश दिए जिसके कार्य विवरण भी अनुमोदित कर दिए गए हैं. वहीं मुख्य सचिव  वी. श्रीनिवास ने बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक में देश हित में अधिकारियों को वित्तीय अनुशासन और मितव्ययता के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि विभाग आर्थिक मितव्ययिता के उपायों को गंभीरता से अपनाएं और अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसके प्रति संवेदनशील बनाकर अनावश्यक खर्च में कटौती सुनिश्चित करें.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रहित में व्यय नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन को लेकर किए गए आह्वान के अनुरूप राज्य सरकार भी प्रभावी कदम उठा रही है. 
सीएस ने कहा कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने इस पहल का समर्थन करते हुए ईंधन और पेट्रोल खर्च में कमी लाने के मकसद से अपने काफिले के आकार में कटौती की है, जो वित्तीय अनुशासन और मितव्ययिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की लंबित बजट घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करते हुए वर्ष 2026-27 की घोषणाओं के लिए स्पष्ट कार्ययोजना और समयबद्ध रोडमैप तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए.  

साथ ही जिन बजट घोषणाओं में भूमि आवंटन, तकनीकी स्वीकृतियां, DPR, निविदाएं, वन और पर्यावरण स्वीकृतियां और अन्य प्रक्रियात्मक कार्यवाही लंबित है, उनमें संबंधित विभागों द्वारा समन्वित और जल्दी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि व्यय नियंत्रण के उपायों का प्रतिकूल प्रभाव निर्यात गतिविधियों पर न पड़े तथा उद्योगों को आवश्यक सहयोग मिलता रहे. 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष से 16वें वित्त आयोग  पुरस्कार की शुरूआत की गई है. सभी संबंधित अधिकारी आयोग की सिफारिशों का गंभीरता से अध्ययन करें तथा समय रहते आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें.  मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान के टेक्सटाइल और अन्य  उत्पादों का एक प्रमुख निर्यात केंद्र होने के मद्देनजर यह सुनिश्चित किया जाए कि खर्च नियंत्रण के उपायों का प्रतिकूल प्रभाव निर्यात गतिविधियों पर न पड़े और उद्योगों को जरूरी सहयोग मिलता रहे. 

उन्होंने कहा कि इस वर्ष से 16वें वित्त आयोग  पुरस्कार की शुरूआत की गई है. सभी संबंधित अधिकारी आयोग की सिफारिशों का गंभीरता से अध्ययन करें और समय रहते जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करें. PSF  वैभव गालरिया ने कहा कि केंद्र सरकार प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत “मदर सैंक्शन” प्राथमिकता के आधार पर प्राप्त करने की कार्यवाही शीघ्र पूरी की जाए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो.