जयपुर: राजस्थान के बांधों की गुहार...बरसो रे मेघा-मेघा. पिछले साल के मुकाबले यह जून सूखा ही निकल गया. पिछले साल 90 सूखे बांधों में पानी की आवक हुई थी. अबकी बार 30 जून तक मात्र 8 सूखे बांधों में पानी की आवक हुई. उधर पिछले साल के मुकाबले इस बार जून में 6 प्रतिशत पानी की कमी आई.
30 जून तक बांधों में कुल भराव क्षमता का 6 प्रतिशत पानी कम हुआ. पिछले साल 30 जून तक बांधों में कुल भराव क्षमता का 50.09 प्रतिशत पानी था. जबकि इस बार 30 जून तक कुल भराव क्षमता का 43.94 प्रतिशत ही पानी है. पिछले साल 30 जून तक 28 बांध लबालब हो चुके थे. इस साल यह संख्या 5 से आगे नहीं बढ़ सकी.
प्रदेश के बांधों की गुहार...बरसो रे मेघा-मेघा:
-पिछले साल के मुकाबले सूखा ही निकल गया यह जून
-पिछले साल 90 सूखे बांधों में हुई थी पानी की आवक
-अबकी बार 30 जून तक मात्र 8 सूखे बांधों में पानी की आवक
-उधर पिछले साल के मुकाबले इस बार जून में 6 प्रतिशत पानी की कमी
-30 जून तक बांधों में कुल भराव क्षमता का 6 प्रतिशत पानी हुआ कम
-पिछले साल 30 जून तक बांधों में था कुल भराव क्षमता का 50.09 प्रतिशत पानी
-जबकि इस बार 30 जून तक कुल भराव क्षमता का 43.94 प्रतिशत ही पानी
-पिछले साल 30 जून तक 28 बांध हो चुके थे लबालब
-इस साल यह संख्या 5 से आगे नहीं बढ़ सकी
आपको बता दें कि राजस्थान को मानसून का इंतजार है. मानसून आने से पहले राजस्थान में गर्मी ने बेहाल कर रखा है. जयपुर सहित 13 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार चला गया है. श्रीगंगानगर 45.1 डिग्री के साथ प्रदेश में सबसे गर्म शहर रहा है. आंशिक रूप से बादल छाए रहने से उमस भरी गर्मी ने परेशान किया है.
वहीं, राजस्थान में मानसून आने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. 2 जुलाई से प्रदेश में मानसून बारिश की गतिविधियां शुरू हो जाएंगी. 2 से 5 जुलाई के बीच पूर्वी राजस्थान के जिलों में मानसून सक्रिय हो जाएगा. इस दौरान कोटा, उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है.