जयपुरः राजस्थान में GST नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है. 1 नवंबर से नए प्रावधान लागू होंगे. राजस्थान माल व सेवा कर (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की गई है. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से दूसरे राज्यों में कारोबार करने वालों को बड़ी राहत दी गई है. दूसरे राज्यों में भी GST पंजीकरण लेने की सुविधा मिलेगी. ई-कॉमर्स ऑपरेटर के वेयरहाउस को कारोबार का मुख्य स्थान घोषित कर सकेंगे.
इसके लिए मासिक आउटपुट टैक्स देनदारी की सीमा 2.50 लाख रुपए निर्धारित की गई है. ई-कॉमर्स ऑपरेटर की सहमति भी अनिवार्य होगी. GST पंजीकरण में संशोधन, निरस्तीकरण और रिफंड प्रक्रिया के नियमों में भी बदलाव किया गया है. रिफंड आवेदन पर अधिकारी को 10 दिन में कार्रवाई करनी होगी.
रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों पर होगी सख्ती:
निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर आवेदन स्वतः स्वीकार माना जाएगा. अप्रैल 2027 से रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों पर सख्ती होगी. रिटर्न नहीं भरने वाले करदाताओं के पंजीकरण निलंबन और निरस्तीकरण की प्रक्रिया लागू होगी. वित्त विभाग के कर प्रभाग ने अधिसूचना जारी की है.
ई-इनवॉइस की नई व्यवस्था लागू होगी:
GST ई-इनवॉइस के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. 1 जनवरी 2027 से ई-इनवॉइस की नई व्यवस्था लागू होगी. ई-इनवॉइस के दायरे में अब चार तरह के लेनदेन शामिल होंगे. रिवर्स चार्ज के तहत टैक्स देय वाली खरीद भी दायरे में आएगी. आयातित सेवाओं से जुड़े लेनदेन पर भी संशोधित प्रावधान लागू होंगे.
वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी कीः
वस्तुओं और सेवाओं की सामान्य आपूर्ति के साथ निर्यात भी शामिल है. GST नियम 2017 के नियम 48 में संशोधन किया गया है. GST परिषद की सिफारिशों के आधार पर वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी की है. ई-इनवॉइस अनुपालन का दायरा बढ़ाने की दिशा में सरकार का ये बड़ा कदम है.