जयपुर: फूलों का सौंदर्य राजस्थान की सबसे बड़ी पंचायत को महका रहा है.राजस्थान की विधानसभा में विदेशी हाइब्रिड फुलवारी और सजावटी पेड़ पौधो की लगभग 70 से अधिक विभिन्न किस्मों को लगाया गया है.इसलिए राजस्थान विधान सभा उद्यान को बेस्ट एक्जीबिटर ऑफ दी शो शील्ड मिली.विधानसभा का पुष्प नवाचार सुन्दर इमारत की शोभा चार चांद लगा रहा.सिंदूर के पौधे की आभा अलग छटा बिखेर रही.
कुछ कहते है हवा से, कुछ कहते है बहार
प्यार की कहानी है ये फूलों की जुबान ।..
वैलेंटाइन डे से पहले ही प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत फूलों की खुशबू से सियासत को महका रही.कश्मीर में उगने वाला ट्यूलिप अब राजस्थान की विधानसभा को अपने सौंदर्य से रोमांचित कर रहा.यूं कह सकते है राजस्थान की विधानसभा फूलों के सौंदर्य से नहा रही.स्पीकर वासुदेव देवनानी का नवाचार फूलों के सौंदर्य पर आधारित है.विधानसभा के प्रांगण में देशी और विदेशी हाइब्रिड फुलवारी और सजावटी पेड़ पौधो की लगभग 70 से अधिक विभिन्न किस्मों को लगाया गया है.
मुख्य रूप से विभिन्न रंगो में पिटुनिया, डायन्थस, डेहलिया, नेस्टेशियस, सनफ्लॉवर, हॉलीहॉक, पेंजी, वरबीना, गजेनिया, जेरेनियम, सिनेरेरिया, इम्पेसिस, नाइमेशिया, गंगानगरी व कश्मीरी गुलाब, विभिन्न रंगो में हाइब्रिड ग्राफ्टेड गुलाब लगाए गए है, इसके साथ ही विदेश किस्म के ग्लेडियोलस, नार्सियस आदि फूलो की विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए है.यही कारण है कि राजस्थान विधानसभा को The Rose Society of Rajasthan द्वारा *“Best Exhibitor of the Show”* इस वर्ष की ट्रॉफी प्राप्त हुई है.
विधानसभा परिसर में ही हर्बल गार्डन और कारगिल गार्डन विकसित किया जा रहा.ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर कारगिल वाटिका में सिंदूर का पौधा लगाया गया.खास बात है सिंदूर का फूल दिल की शेप में होता है.पकने के बाद इसके अंदर से प्राकृतिक सिंदूर निकलता है. पर्यावरण के अनुकूल विधानसभा को बनाने के प्रयास में फुलवारी को विकसित किया गया. ऐसा पहली बार जब विधानसभा की इमारत वृहद स्तर पर अलग अलग फूलों से खिल रही. विधानसभा अध्यक्ष देवनानी की सोच है कि विधानसभा परिसर केवल लोकतांत्रिक विमर्श का केंद्र ही नहीं, बल्कि हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य का भी अनुपम स्थान बने.