जयपुर: राजस्थान में पुराने वाहनों को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए ग्रीन टैक्स की नई दरों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. इस फैसले के बाद अब 15 और 20 साल से अधिक पुराने वाहनों के मालिकों को पहले से अधिक टैक्स देना होगा.
नई व्यवस्था के तहत 15 साल से पुराने दोपहिया वाहनों पर 1500 रुपये और 20 साल से अधिक पुराने दोपहिया वाहनों पर 3000 रुपये ग्रीन टैक्स लगाया गया है. वहीं पेट्रोल कार और जीप के मामले में 15 साल पूरे होने पर 5000 रुपये और 20 साल से अधिक पुराने होने पर 10,000 रुपये ग्रीन टैक्स देना होगा. इससे लाखों वाहन मालिक सीधे प्रभावित हो सकते हैं, खासकर वे लोग जो लंबे समय से अपने पुराने निजी वाहनों का उपयोग कर रहे हैं, डीजल वाहनों के लिए भी सरकार ने सख्त प्रावधान किए हैं. 1500 सीसी तक के डीजल वाहनों पर 15 साल से अधिक की अवधि होने पर 5000 रुपये और 20 साल से अधिक पुराने होने पर 10,000 रुपये ग्रीन टैक्स निर्धारित किया गया है. वहीं 2000 सीसी से अधिक क्षमता वाले बड़े डीजल वाहनों के लिए ग्रीन टैक्स और अधिक रखा गया है. ऐसे वाहनों के 20 साल से अधिक पुराने होने पर अधिकतम 20,000 रुपये तक ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा.यह कदम प्रदूषण पर नियंत्रण और सड़कों से अत्यधिक पुराने वाहनों को हटाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
इसके अलावा यदि 2000 सीसी से अधिक क्षमता वाले वाहन में पांच से अधिक सवारी की जगह है, तो 20 साल से पुराने होने पर वाहन मालिक को 30,000 रुपये तक ग्रीन टैक्स देना होगा. इस प्रावधान से बड़े निजी वाहनों और कुछ व्यावसायिक श्रेणी के वाहन मालिकों पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना है.परिवहन विभाग के अनुसार राज्य में बढ़ते प्रदूषण स्तर और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. विभाग का मानना है कि पुराने वाहन अधिक धुआं छोड़ते हैं और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं, इसलिए उन्हें चरणबद्ध तरीके से सड़क से हटाना जरूरी है.सरकार के इस फैसले से जहां पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद जताई जा रही है, वहीं आम वाहन मालिकों में चिंता भी बढ़ गई है. कई लोगों का कहना है कि आर्थिक बोझ बढ़ने से पुराने वाहनों का उपयोग करना मुश्किल हो जाएगा.