जयपुर: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान खाद्य वितरण और थर्ड ग्रेड शिक्षक ट्रांसफर को लेकर जोरदार हंगामा हुआ. पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली. सरकार अपनी ही पार्टी के विधायकों के सवालों से घिरी नजर आई. सदन में रोड सेफ्टी एक्शन प्लान, महुआ में जल जीवन मिशन के कार्य, बांदीकुई के रेहड़िया और अमन सागर बांध को ERCP से जोड़ने तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को भुगतान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.निजी विश्वविद्यालयों में अनियमितताओं के सवाल पर उप मुख्यमंत्री डॉ प्रेम चंद बैरवा ने कहा 10 निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है जिनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. प्रश्न काल में बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने फर्जी डिग्री देने वाले निजी विश्वविद्यालयों को लेकर सवाल किया. सदन में इस मुद्दे पर हंगामा भी हुआ कुल 53 निजी विश्वविद्यालय संचालित है. 10 निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई है जिनके खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं.
ये विश्वविद्यालय है:
-Opjs विश्वविद्यालय चूरू
-सिंघानिया विश्वविद्यालय चूरू
-सनराइज विश्वविद्यालय अलवर
-मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़
-माधव विश्वविद्यालय सिरोही
-राफेल्स विश्वविद्यालय अलवर
-निर्वाण विश्वविद्यालय जयपुर
-यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी जयपुर
-जगदीश झाबरमल टिंबरेवाल झुंझुनू
-श्रीधर विश्वविद्यालय सभी का नाम बताया सदन में
-ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू
-माधव विश्वविद्यालय सिरोही
-जगदीश झाबरमल टिंबरेवाल झुंझुनूं
-सिंघनिया विश्वविद्यालय झुंझुनूं
-भूपाल विश्वविद्यालय उदयपुर में शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनियमितता हुई थी.
उसकी जांच sog के द्वारा करवाई गई थी. 7 जनवरी 2026 को opjs चुरु का परीसमापन कर दिया है. संभागीय आयुक्त को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया है. शेष विश्वविद्यालयों की जांच प्रक्रिया में है. बैक डेट में अंक तालिकाएं देने के मामले की शिकायतें मिली थी जिस मामले में भी कार्रवाई की गई है. विगत सरकार ने विनियामक आयोग गठन के लिए तत्कालीन अंबेडकर विवि कुलपति की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया समिति का प्रारूप तैयार करके राज्य सरकार को प्रस्तुत किया गया था राजस्थान प्राइवेट हायर एजुकेशन अथॉरिटी बिल का प्रारूप तैयार करके विधि विभाग को भेजा गया था.
प्रश्नकाल के दौरान विधायक इंदिरा मीणा ने प्रदेश में किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि उपलब्धता के आंकड़े सही हो सकते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को खाद नहीं मिल रही है. “बीच में खाद-बीज रोकने वाला कौन है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी ? इन सवालों के जवाब में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जवाब में कहा कि डिमांड और सप्लाई के आंकड़े पारदर्शी हैं, कुछ भी छुपाया नहीं गया है. उन्होंने बताया कि 3 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की गई है, जो मांग से अधिक है. कभी-कभी एक साथ किसानों के आने से लाइन लग जाती है.
खाद आने से पहले पर्ची दी जाती है. हल्की-फुल्की कालाबाजारी की शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन कंपनी से रैक के जरिए सीधी आपूर्ति में घोटाले की संभावना नहीं रहती, मंत्री ने कहा. इंदिरा मीणा ने निलंबित डीलरों को बहाल किए जाने पर सवाल उठाया. इस पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि जहां लापरवाही मिली, वहां कार्रवाई की गई. संतोषजनक जवाब मिलने पर बहाली भी की गई. उन्होंने बताया कि फर्टिलाइजर में 107 एफआईआर, बीज में 5 एफआईआर दर्ज की गईं, 605 कारण बताओ नोटिस जारी हुए, 178 लाइसेंस निलंबित किए गए, 28 गिरफ्तारियां हुईं और 27 फैक्ट्रियां सील की गई हैं.
विधायक गोविंद प्रसाद ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण पर सवाल उठाया. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि वर्तमान में पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन अत्यावश्यक मामलों में सक्षम स्तर से अनुमोदन के बाद स्थानांतरण किए जाते हैं.मंत्री दिलावर ने कहा कि नई स्थानांतरण नीति प्रक्रियाधीन है, नीति अंतिम होने के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर शिक्षकों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए टाइमलाइन मांगी. इस पर मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार ने एक भी तबादला नहीं किया, जबकि भाजपा सरकार में 2200 तबादले हुए थे.
विधायक कल्पना देवी ने रोड सेफ्टी एक्शन प्लान, स्पीड लिमिट, साइलेंस जोन और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों को लेकर सवाल उठाया. उप मुख्यमंत्री डां. प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि लाडपुरा क्षेत्र में 15 दुर्घटनाएं सामने आईं. कोटा में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में 11 बैठकें हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में 10.13 लाख से अधिक चालान किए गए, जिनमें नशे में वाहन चलाने के मामलों पर भी कार्रवाई शामिल है. दुर्घटना बीमा योजना के तहत घायल को ₹50,000 और मृत्यु पर ₹5 लाख की सहायता दी जाती है.विधायक राजेंद्र मीणा ने महुआ विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के कार्यों पर सवाल उठाया. मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने स्वीकार किया कि योजना में भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले सामने आए थे. ईडी और सीबीआई की जांच में 200 से अधिक अधिकारी दोषी पाए गए और 16 सीसी व चार्जशीट दायर की गई. मंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं और आईएएस अधिकारियों के खिलाफ भी एसीबी में प्रकरण दर्ज हैं. गर्मियों में पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, हालांकि कुछ मामलों में न्यायालय से स्टे मिलने के कारण चरणबद्ध व्यवस्था की जाएगी.
बांदीकुई विधायक टांकड़ा ने दौसा के सभी ब्लॉकों के बांध पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना से जोड़े जाने को लेकर सवाल किया. इस पर जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने बताया कि बांदीकुई का रेहड़िया और अमन सागर बांध संशोधित पीकेसी योजना में शामिल हैं. डीपीआर केंद्रीय जल आयोग में परीक्षणाधीन है. भागचंद टांकड़ा के सवाल पर मंत्री ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में रेहड़िया बांध तीन बार भरा है, जिसकी भराव क्षमता 187 एमसी है. उधर, डॉ. जसवंत सिंह यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित भुगतानों पर सवाल उठाया.जिस पर मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि राज्य में 91 लाख से अधिक लाभार्थी हैं और दिसंबर तक की पेंशन खातों में भेज दी गई है. बैंक विलय के कारण 11 लाख बिल रिवर्ट हुए थे, जिनमें से 95% का भुगतान हो चुका है. शेष 50-70 हजार लाभार्थियों को 31 मार्च तक भुगतान कर दिया जाएगा. मंत्री ने भविष्य में ऐसी समस्या से बचने के लिए जल्द पोर्टल विकसित करने की बात कही. थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की सहायता पर विधानसभा में चर्चा हुई सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से संबंधित सहायता पर सवाल उठाते हुए विधायक रूपेंद्र सिंह कुन्नर ने पूछा कि गंगानगर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर खोला गया है, लेकिन वहां अब तक एक भी ट्रांसप्लांट नहीं हुआ. क्या सरकार इस सुविधा को प्रभावी रूप से शुरू करने का विचार रखती है? इस पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने जवाब में कहा कि थैलेसीमिया एक अनुवांशिक बीमारी है और इसका स्थायी उपचार केवल बोन मैरो ट्रांसप्लांट ही है.
उन्होंने बताया कि मां योजना के तहत ₹25,000 तक के उपचार की व्यवस्था है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए ₹10 लाख तक की सहायता दी जा रही है. थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को ₹1200 प्रतिमाह सहायता राशि दी जा रही है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि जब बोन मैरो ट्रांसप्लांट निशुल्क बताया जा रहा है और साथ ही ₹10 लाख तक सहायता की बात की जा रही है, तो इसमें विभेद नजर आता है. इस पर मंत्री गहलोत ने स्पष्ट किया कि भारत संबल योजना में 52 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट पर 9 से 11 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जिसे सरकार द्वारा निशुल्क कवर किया जाता है. सदन में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच सहायता राशि और ट्रांसप्लांट सुविधा को लेकर सवाल-जवाब का दौर चला.राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में सरकार को अपने ही विधायकों ने घेर लिया. विधायक कल्पना देवी ने रोड सेफ्टी एक्शन प्लान के मानकों, स्पीड लिमिट और जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों पर सवाल उठाए. वहीं कालीचरण सराफ ने निजी विश्वविद्यालयों में अनियमितताओं का मुद्दा उठाकर कार्रवाई की मांग की. सामाजिक न्याय सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों को भुगतान में देरी पर डॉ. जसवंत सिंह यादव ने सरकार से जवाब तलब किया. सदन में इन मुद्दों पर तीखी चर्चा हुई और मंत्रियों को स्पष्टीकरण देना पड़ा.