जयपुरः अगले महीने मानसून राजधानी जयपुर में दस्तक देगा लेकिन नगर निगम अभी नाला सफाई को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है हालात ये कि नगर निगम क्षेत्र में कुल नाले 897 में जिनकी सफाई के लिए निगम की ओर से फरवरी माह में ही लगभग 10 करोड की राशि के टेंडर किए गए लेकिन मौजूदा स्थिती ये कि अभी तक 30 फीसदी नालों की भी सफाई पूरी नहीं हुई है यहीं नहीं अभी तक करीब 200 ऐसे नाले है जिनमें निगम ने काम ही शुरू नहीं किया ये हालात बताते है जब राजधानी में मानसून अपने चरम पर होगा तो फिर से जयपुर जलपुर बनता हुआ दिखाई देगा जिसके जिम्मेदार सिर्फ निगम के अधिकारी होंगे पेश है.
गत वर्ष भी नाला सफाई नहीं होने के चलते राजधानी जयपुर की हालात सबने देखी और नगर निगम को खूब कोसा लेकिन निगम के अधिकारी है कि उन पर आमजनता की पीडा का कोई असर नहीं होता यही कारण है कि अभी तक ना तो आयुक्त महोदय और ना ही अति आयुक्त ने नाला सफाई को लेकर कोई मिटिंग की और न ही मॉनिटिरिंग लगाई आने वाले समय में जब नाले उफान पर होंगे तब नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखे खोलेगे,लेकिन उस वक्त काफी देरी हो चुकी होगी नाला सफाई करने वाली फर्म को मानसून के जाने के बाद पूरा भुगतान पर हर साल की तरह कर दिया जाता है न कोई वेरीफेकेशन और न ही कोई पेनल्टी इन पर लगाई जाती है क्योकि सब कुछ निगम में पहले से ही तय होता है सूत्रों की माने तो नगर निगम में कुल 897 नाले है जिनमें से करीब 300 के करीब नाले साफ हुए है 200 नाले ऐसे है जिनमे अभी तक कोई काम तक नहीं हुआ वहीं कुछ नालों में फिलहाल हल्का फुल्का काम जारी है अगर स्थिती ये ही रही तो मानसून के वक्त आम जनता को खासा नुकसान उठाना पड सकता है
नाला सफाई को लेकर जोनवार रिपोर्ट
जोन नालों की संख्या लागत काम पूर्ण काम जारी, शुरू नहीं
मुरलीपुरा जोन 46 48.38 लाख 15 25 06
विद्याधर नगर जोन 71 115.67 34 17 20
वैशाली नगर जोन 51 42.75 13 11 27
झोटवाड़ा जोन 6 22.22 04 02 00
मानसरोवर जोन 62 73.38 31 15 16
सांगानेर जोन 99 108.39 0 80 19
जगतपुरा जोन 57 45.36 50 07 00
झालाना जोन 42 40.12 37 05 00
मालवीय नगर जोन 226 169.56 54 89 83
सिविल लाइन जोन 65 42.63 20 45 00
आदर्श नगर जोन 58 95.91 26 15 17
किशनपोल जोन 49 67.77 28 19 02
आमेर-हवामहल जोन 65 106.08 0 65 00
मानसून के दौर में नगर निगम मुख्यालय के बाहर भी तालाब की स्थिती बन जाती है जिसको लेकर निगम के अधिकारी अभी तक मौन बैठे है यहीं नहीं टोक रोड,गांधी नगर ,सहकार मार्ग के वो इलाके है जिन पर सबसे ज्यादा यातायात का दबाब रहता है मानसून के वक्त नालों के चैम्बर जाम होने के चलते सड़के पूरी तरह पानी में डूब जाती है जिसके चलते दोपहियां वाहन यहा तक की चोपहिया वाहन भी खराब हो जाते है वो तस्वीर भी हमने खूब देखी है लेकिन नगर निगम के अधिकारियों को आमजनता की इस तकलीफ से कोई सरोकार नहीं है क्योकि जिस प्रकार का का फिलहाल धरातल पर जारी है उससे ये ही अंदाज लगता है
राजधानी जयपुर को फिर से जलपुर बनता देखना कोई नहीं चाहता लेकिन जिस प्रकार की नगर निगम की नाला सफाई हो रही है उससे ये लगता है कि एक बार फिर मानसून में वो ही हालात राजधानी की सडको पर दिखाई देंगे.