जयपुर: राज्य सरकार ने हाथ बढ़ाया तो जयपुर शहर से दर्जनों परिवारों ने ऑर्गेनिक खेती शुरू की और वह भी रूफटॉप फार्मिंग के जरिए. आज पूरा परिवार शुद्ध और पौष्टिक सब्जियों का स्वाद चख रहा है. कहा जाए तो शहरी क्षेत्र में जैविक सब्जियों के उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की पहल रंग ला रही है. पर्यावरण-अनुकूल नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण तो यह है कि लोगों को घर की खेती से ही सीजनल सब्जियां मिल रही हैं. आखिर क्या है सरकार का यह नवाचार जिसे इतना सराहा जा रहा है.
कृषि विभाग की पहल पर जयपुर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत पिछले साल 'स्मार्ट सिटी रूफटॉप फार्मिंग परियोजना' की शुरुआत हुई और नगर निगम क्षेत्र के 250 घरों को रूफटॉप फार्मिंग के लिए चुना गया. इसमें भी पहले आओ..पहले पाओ के आधार पर चयन किया गया. अच्छी बात यह रही कि केवल आवासीय घरों की छप ही रूफटॉप फार्मिंग को शामिल किया गया. अंतर्राष्ट्रीय उद्यानिकी नवाचार एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईएसआईटीसी), दुर्गापुरा ने जिम्मा उठाया और दो कंपनियों के माध्यम से निजी भवनों के रूफटॉप फार्मिंग की जानकारी लोगों के साथ साझा की गई. बताया गया कि किस तरह खेती करनी है और किस सीजन में कौन से सब्जी घर पर लगाई जा सकती है. रूफटॉप फार्मिंग के कुछ खर्चे में से सरकार से 70 प्रतिशत अनुदान मिलने के बाद जयपुर शहर के कितने ही घर ऐसे हैं, जहां रूफटॉप फार्मिंग की सब्जियों का ही सेवन किया जा रहा है.
फर्स्ट इंडिया की टीम ने भी जयपुर शहर के कई इलाकों का दौरा किया और सरकार की पहल पर रूफटॉप फार्मिंग की हकीकत जानी तो पता चला कि घर की छत पर सभी तरह की सब्जियां तैयार हो रही हैं और बरसों बार लोग आर्गेनिक सब्जियों का स्वाद ले रहे हैं. अब हालात यह हैं कि रूफटॉप पर लगी सब्जी के आगे बाजार से खरीदी सब्जी फीकी और बेजान लगने लगी है.