NEET पेपर लीक पर सियासत, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का कांग्रेस पर पलटवार, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः नीट पेपर लीक मामले में सियासात गर्म हो गई है पारा चढ़ चुका है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पीसीसी चीफ डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के आरोपों पर पलटवार किया.

कई बार फिल्मी डायलॉग राजनीतिक वातावरण में छाए रहते है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी फिल्मी अंदाज में कह दिया जिनके घर शीशे के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते. उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राजस्थान में 17 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन उस समय न तो निष्पक्ष जांच करवाई गई और न ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई. ऐसे में कांग्रेस को आज भाजपा सरकार पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. मदन राठौड़ ने कहा कि हालिया मामला केरल से जुड़ा था, जिसे बाद में देशभर में वायरल किया गया. मामले की सीबीआई जांच जारी है और केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान आरएएस भर्ती प्रक्रिया में भी गंभीर सवाल उठे थे. डोटासरा के परिजनों को इंटरव्यू में अधिक अंक दिए जाने का मामला पूरे प्रदेश में चर्चा में रहा, लेकिन उस समय कांग्रेस सरकार ने पारदर्शिता और निष्पक्षता की कोई बात नहीं की.   

मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस शासन में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था का मजाक बनाया गया. लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ, जबकि तत्कालीन सरकार मूकदर्शक बनी रही. राठौड़ ने रीट-2021 परीक्षा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा संकुल से पेपर चोरी होने की घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी थी. कांग्रेस सरकार ने स्वयं पेपर लीक स्वीकार किया, लेकिन केवल एक लेवल की परीक्षा रद्द की गई, जबकि दूसरे लेवल का परिणाम जारी कर नियुक्तियां दे दी गईं. उन्होंने इसे युवाओं के साथ अन्याय और कांग्रेस सरकार की दोहरी नीति बताया.मदन राठौड़ ने ये भी कहा कि पेपर लीक में बीजेपी का कोई कार्यकर्ता शामिल नहीं.