जयपुर : प्रदेश में सोलर की फ्री बिजली से रोशन होने वाले वाले परिवारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में राजस्थान ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल करते हुए दो लाख उपभोक्ताओं की फ्री बिजली की राह साफ की है. करीब 26 माह पूर्व शुरू हुई इस योजना के तहत राज्य में 2 लाख से अधिक रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जिसके चलते राजस्थान देशभर में टॉप पायदान पर आ गया है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना देशवासियों को न केवल प्रदूषणरहित सौर ऊर्जा से जोड़ रही है बल्कि उन्हें ऊर्जा सुरक्षा भी प्रदान कर रही है. केन्द्र सरकार की तरफ से योजना में अधिकतम 78 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है,जिसको मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विस्तार देते हुए 150 यूनिट निशुल्क बिजली योजना से इंटरलिंक किया. इसके बाद अब योजना में रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को 17 हजार रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलने लगी है. इसी का परिणाम है कि प्रदेश में दिनों-दिन रूफटॉप सोलर का प्रचलन बढ़ता जा रहा है. पिछले एक माह की बात की जाए तो करीब 22 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने छत पर सोलर लगया है, जिसके चलते प्रदेश में रूफटॉप सोलर लगाने वालों का आंकड़ा 2 लाख को पार कर गया है.
दो लाख के आंकड़े वाली उपभोक्ता को सोलर कुक टॉप
-पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रति उत्साहित जयपुर डिस्कॉम
-जयपुर के नटराज नगर निवासी तारा शर्मा के घर पहुंची डिस्कॉम की टीम
-तारा शार्म प्रदेश की ऐसी उपभोक्ता, जिनके लगा 2 लाख की संख्या वाला रूफ टॉप
-जयपुर डिस्कॉम की अधीक्षण अभियंता (पीएम सूर्यघर) महिमा साराभाई तथा
-जयपुर शहर सर्किल (दक्षिण) के अधीक्षण अभियंता अनिल टोडवाल ने उन्हें किया सम्मानित
-घर पहुंचकर तारादेवी को दी बधाई, साथ ही योजनान्तर्गत भेंट किया सोलर कुक टॉप
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बिजली उपभोक्ताओं को सम्मानजनक तरीके से फ्री बिजली उपयोग में लेने का अधिकार देती है. ये ही वजह है कि अब लोगों का योजना के प्रति उत्साह देखने को मिल रहा है. जिलेवार आंकड़ों को देखे तो योजना में प्रदेश में जयपुर जिले में सर्वाधिक 41296 सोलर लगाए जा चुके है. इसके बाद टॉप पायदान में शामिल श्री गंगानगर में 19135, सीकर में 12104, हनुमानगढ़ में 11530 तथा झुंझुनूं में 10,185 रूफ टॉप सोलर इंस्टॉल किए जा चुके हैं. अब तक इस योजना में प्रदेश में 771 मेगावाट क्षमता के संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिसके एवज में उपभोक्ताओं को 1354 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी जारी हो चुकी है.