जयपुर: जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व गणना के पहले सप्ताह में जिलावार रिपोर्ट में राजस्थान के निवासियों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. प्रदेश में 93 प्रतिशत से ज्यादा मकान मालिकों ने स्व गणना फॉर्म भर दिया है जिसमें राजसमंद 97 प्रतिशत से ज्यादा की उपलब्धि के साथ पहले स्थान पर है.
जनगणना के तहत स्व गणना के दो दिन पहले का डाटा जारी कर दिया गया है. इसके तहत सामने आया कि राजस्थान ने अच्छी उपलब्धि हासिल की है.
स्व गणना का डाटाबेस
-स्व गणना में राजसमंद ने 97.21 प्रतिशत ऑनलाइन स्व गणना फॉर्म भरने की उपलब्धि हासिल करके पहला पायदान पाया है.
-इसमें 1118 ने स्व गणना फॉर्म भरने की शुरुआत की है और 38978 ने फॉर्म पूरा किया है.
-डीग 871 स्व गणना फॉर्म की शुरुआत हुई और 21859 ने फॉर्म पूरा किया है. डीग ने 96.15 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करके दूसरा स्थान हासिल किया है.
-सीकर में 5019 स्व गणना फॉर्म की शुरुआत हुई और 1 लाख 8 हजार 545 ने फॉर्म पूरा किया और 95.58 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. सीकर जिला तीसरे पायदान पर रहा.
-जयपुर के 10333 मकान मालिकों ने स्व गणना फॉर्म शुरू किया और दो लाख 3 हजार 399 ने फॉर्म पूरा किया और 95.17 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. जयपुर चौथे पायदान पर रहा.
सलूम्बर में 616 स्व गणना फॉर्म भरने की शुरुआत हुई और 10781 ने फॉर्म पूरा कर लिया. इस तरह 94.60 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करते हुए सलूम्बर पांचवें स्थान पर है.
ये हैं पिछड़े तीन जिले
बाड़मेर 87.30 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पिछड़ा जिला माना जा रहा है. यहां 1372 मकान मालिकों ने स्व गणना फॉर्म भरना शुरू किया और 9427 ने फॉर्म पूरा किया.
डीडवाना-कुचामन ने 88.58 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. जिले में 1420 ने फॉर्म भरना शुरू किया है और 11012 ने फॉर्म पूरा किया.
बांसवाड़ा ने 89.35 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है. 1231 ने यहां फॉर्म भरना शुरू किया और 10324 ने फॉर्म पूरा किया.
अब तक पूरे राजस्थान में अंतिम अपडेट आंकड़े के मुताबिक 71081 ने फॉर्म भरना शुरू कर दिया है. फॉर्म जमा करने वालों की संख्या 1021857 है और कुल संख्या 1029938 है और इस तरह 93.50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है.
अभी सरकारी कर्मचारियों का स्व गणना फॉर्म भरने का जनगणना निदेशालय का लक्ष्य है.
जन आधार के डाटा के मुताबिक राजस्थान भर में करीब दो करोड मकान हैं और इनमें से दस लाख 21 हजार से ज्यादा मकान मालिकों ने स्व गणना फॉर्म या तो भर दिया है या फॉर्म भरना शुरू कर दिया है.
सप्ताह भर से भी कम समय में यह लक्ष्य हासिल करना जनगणना निदेशालय की जागरुकता की कोशिशों का नतीजा माना जा सकता है तो वहीं साथ ही यह राजस्थान के नागरिकों की डिजिटल जागरुकता का भी उदाहरण है.