VIDEO: मौके की जमीन को सिवायचक करने की मांग, जयपुर के चर्चित मामले में एक नया मोड़, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: धर्म परिवर्तन की आड़ में अनुसूचित जाति के व्यक्ति की भूमि बेचान के राजधानी के चर्चित मामले में एक नया मोड़ आ गया है. मेन टोंक रोड पर स्थित बेशकीमती भूमि के इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला कलक्टर और जेडीए आयुक्त से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है. 

यह मामला है दुर्गापुरा तहसील सांगानेर स्थित खसरा नंबर 453 से 458, 460 से 463 और 623/458,625/458,624/460 व 460/1 की भूमि का. इस भूमि के पुराने खसरा नंबर 281 से 286 है. यह कुल 8 बीघा 6 बिस्वा भूमि मेन टोंक रोड पर स्थित है. मामले में आरोप है कि भूमि पहले अनुसूचित व्यक्ति के नाम से दर्ज थी. लेकिन धर्म परिवर्तन की आड़ में सामान्य जाति के व्यक्ति को इसे बेच दिया गया. मामले में नियम विरूद्ध नामांतरण खोलने के भी आरोप है.

SC की भूमि बेचान के आरोप मामले में "नया मोड़"
धर्म परिवर्तन आड़ में भूमि बेचान के आरोप मामले में "नया मोड़"
राजधानी के मेन टोक रोड स्थित बेशकीमती भूमि का मामला
8 बीघा 6 बिस्वा भूमि को सिवायचक घोषित करने की मांग
मांग को लेकर पूर्व पार्षद विनीत सांखला ने CMको लिखा पत्र
इस पत्र पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने मांगी है तथ्यात्मक रिपोर्ट
पत्र में दिए गए तथ्यों की जांच कर रिपोर्ट भेजने के दिए हैं आदेश
JDC और कलक्टर से 7 दिन में मांगी है तथ्यात्मक रिपोर्ट
तरूछाया नगर मोड़ पर लगता एक भूखंड छोड़कर
उसके आगे से लेकर पेट्रोल पंप के बीच स्थित है भूमि
CM को लिखे गए पत्र में पूर्व पार्षद ने लगाया है आरोप
धर्म परिवर्तन की आड़ में SCकी भूमि बेचान का लगाया है आरोप
राजस्थान काश्तकारी अधिनियम के तहत की गई है मांग
इस पूरी भूमि का सिवायचक घोषित करने की की है मांग
भूमि पर वर्तमान में भव्य मैरिज गार्डन व दुकानें हैं सचालित
भूमि का एक बड़ा हिस्सा मौके पर फिलहाल है खाली
पत्र में पूर्व पार्षद विनीत सांखला ने आरोप लगाया है कि
"यह भूमि सम्वत 2015-34 में SC के व्यक्ति नानगराम बलाई के नाम से थी दर्ज"
"तब भूमि के खसरा नंबरान थे 281 से 286"
"नानगराम की मृत्यु के बाद पुत्र पूरण ने ईसाई धर्म कर लिया ग्रहण"
"20 अगस्त 1967 को जोधपुर स्थित चर्च में ईसाई धर्म कर लिया ग्रहण"
"11 दिन बाद ही 1 सितंबर 1967 को खोल दिया गया नामांतरण"
"पूरण साइमन पुत्र नानगराम कौम ईसाई के पक्ष में खोल दिया नामांतरण"
"तहसीलदार के स्तर पर कर लिया गया यह नामांतरण"
"जबकि तत्कालीन नियमों के तहत उपखंड अधिकारी ही खोल सकता था नामांतरण"
"नामांतरण के दूसरे दिन 2 सितंबर 1967 को बेच दी गई यह भूमि"
"यह भूमि बेच दी गई सामान्य जाति के व्यक्ति को"
"बाद में इस भूमि को बेच दिया गया अलग-अलग हिस्सो में"

इस भूमि के एक हिस्से की भूमि की 90 ए का प्रकरण जेडीए में लंबित होने के चलते यह पूरा मामला पहले से ही काफी चर्चित है. अब मामले में नियम-कानून की अनदेखी का आरोप लगाते हुए भूमि को सिवायचक दर्ज करने की मांग की गई है.

इस बेशकीमती भूमि में शामिल 89 सौ वर्गमीटर भूमि का मामला है लंबित
भूमि की 90 ए की कार्यवाही का मामला जेडीए में है लंबित
जेडीए ने 90 ए की कार्यवाही के लिए जारी की थी सार्वजनिक सूचना
सूचना जारी कर जेडीए ने मामले में मांगी थी आपत्ति
तब भी दर्ज कराई गई आपत्ति में लगाया गया था आरोप
धर्म परिवर्तन की आड़ में SC की भूमि बेचान का लगाया था आरोप
आपत्ति दर्ज कराने के बाद दो-तीन महीने मामला चला गया ठंडे बस्ते में
जानकार सूत्रों के अनुसार मामले में हलचल फिर से शुरू हो गई है

पूर्व पार्षद विनीत सांखला का आरोप है कि करोड़ों रुपए बाजार भाव की भूमि से जुड़े इस मामले में पूर्व पार्षद विनीत सांखला ने भी जेडीए और जिला प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई थी. उनका आरोप है कि जिस खातेदार पूरण को ईसाई बताकर जमीन बेची गई. वह पूरण और उसका परिवार आज भी खुद को बलाई जाति का ही बताता है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 में बने राशन कार्ड में परिवार के मुखिया के नाम पर "पूरण बलाई" अंकित है. पूर्व पार्षद विनीत सांखला का यह भी दावा है कि खातेदार पूरण के पुत्र भगवान सहाय का अनुसूचित जाति का होने का प्रमाण पत्र भी है. यह जाति प्रमाण पत्र उपखंड अधिकारी सांगानेर जयपुर ने 2 अप्रेल 2019 को जारी किया था. इस जाति प्रमाण पत्र में भगवान सहाय की जाति बलाई बताई गई है.