जयपुरः राज्यसभा में क्या बीजेपी उतारेगी तीसरा उम्मीदवार! इस तरह की रणनीति पर भी सत्ताधारी दल कर रहा मंथन. BJP विचारधारा के किसी उद्योगपति या समाजसेवी को थर्ड फैक्टर के तौर पर उतारा जा सकता है. हालांकि बीजेपी तीसरा उम्मीदवार तभी उतारेगी जब विपक्षी दल में फूट की आशंका होगी अभी तीन सीटों में से बीजेपी दो सीटें आसानी से जीत रही दूसरी ओर कांग्रेस एक सीट पर आसानी से जीत मान रही. अंतरात्मा फैक्टर पर बीजेपी दांव खेल सकती है लेकिन अंतिम निर्णय आलाकमान करेगा.
फिलहाल राज्यसभा चुनावों की तीन सीटों के समीकरण देखे तो दो सीटें बीजेपी आसानी से जीत रही और एक सीट कांग्रेस. अलबत्ता BJP में इस बात को लेकर मंथन भी हो रहा है कि तीसरी सीट पर बाहरी उम्मीदवार मैदान में उतार दिया जाए. अंतरात्मा की आवाज पर तीसरा उम्मीदवार उतार दिया जाए. ये उम्मीदवार कोई उद्योगपति या समाजसेवी हो वो भी विचार परिवार से. भाजपा इस बार सिर्फ गणित के भरोसे नहीं, बल्कि “क्रॉस वोटिंग” और विपक्ष में संभावित सेंधमारी की रणनीति पर भी काम कर रही है. हालांकि चिन्तन मंथन अंदरूनी है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा पंडित दीनदयाल उपाध्याय का विचारों को सामने लाते हुए कहा कि हमारा विरोधी कल हमारा प्रशंसक बने,आज हमारा प्रशंसक कल हमारा मतदाता बने, आज हमारा मतदाता कल हमारा कार्यकर्ता बने और आज हमारा कार्यकर्ता नेता बने. हम इस नीति पर काम कर रहे हैं.
--- राज्यसभा चुनाव और वोटो का गणित --
विधानसभा की कुल 200 सीटों का गणित -
- भारतीय जनता पार्टी - 118
- इण्डियन नेशनल कांग्रेस - 67
- निर्दलीय - 8
- बहुजन समाज पार्टी - 2
- भारत आदिवासी पार्टी - 4
- राष्ट्रीय लोक दल - 1
- राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव
- प्रत्येक सीट के लिए प्रथम वरीयता के 51 वोट चाहिए
- दो सीटों के लिए 102 वोट चाहिए
- भाजपा के पास दो सीट के लिए पर्याप्त संख्या में वोट
- कांग्रेस के पास एक सीट के लिए पर्याप्त संख्या
- एक सीट जीतने के लिए 51 वोट चाहिए
भाजपा के संभावित दावेदारों की बात करें तो पार्टी इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में है. संगठन से जुड़े नेताओं, केंद्र के भरोसेमंद चेहरों और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई नाम चर्चा में हैं. इनमें संगठन पृष्ठभूमि वाले नेताओं के अलावा एक महिला चेहरा और ओबीसी वर्ग से प्रतिनिधित्व देने पर भी विचार चल रहा है. बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ऐसे उम्मीदवार चाहता है जो 2028 विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान में पार्टी की राजनीतिक पकड़ और मजबूत कर सके. मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को एक सीट पर फ़िर राज्यसभा भेजा जा सकता है. हालांकि बीजेपी तीसरे विकल्प को आजमाने से पहले गंभीरता से आकलन करेगी रिस्क फैक्टर ये भी है कि सेंध किधर भी लग सकती है.ऐसे में चुनाव की नौबत मतदान और बाड़ेबंदी तक आ सकती है. लिहाजा पूरी माकूल रणनीति के बाद बीजेपी प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व अंतिम निर्णय लेगा.