जयपुर: वन्देमातरम... सुजलाम् सुफलाम् मलयजशीतलाम, शस्यश्यामलाम् मातरम् .. वन्दे मातरम्..ये गीत हमारे अंदर देशभक्ति का संचार करता है और जगाता है. राष्ट्र के प्रति कुछ कर गुजरने की भावना. इस गीत को गाकर महान क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए हंसते हंसते फांसी को चूम लिया था. क्या आप जानते है राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम का हिन्दी अर्थ क्या है. किसने इसका हिंदी रूपांतरण किया था. वन्देमातम गीत के 150वर्ष पूरे होने पर राजस्थान विधानसभा ने इसे लेकर स्पेशल कैलेंडर छापा है. साल 2026 के हर माह के पेज पर वन्देमातरम का स्वर्णिम का इतिहास अंकित है. स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अगले विधानसभा सत्र से पहले इस कैलेंडर को सभी विधायकों के पास भेजा है.
पानी की कुछ कमी नही है, हरियाली लहराती है. फल और फूल बहुत होते हैं, रम्य रात छवि छाती है. मलयानिल मृदु-मृदु बहती है, शीतलता अधिकाती है. सुखदायिनि वरदायिनि तेरी, मूर्ति मुझे अति भाती है ॥ वन्दे मातरम् .
वन्देमातरम का हिंदी रूपांतरण सरस्वती पत्रिका में देश को मिली आजादी से पहले साल 1906 में छपा था महावीर प्रसाद द्विवेदी ने इसे लिखा था. राजस्थान विधानसभा के प्रयासों से प्रत्येक विधायक को भी ये जानने का अवसर मिलेगा अगर उन्हें पता नहीं है तो स्पीकर वासुदेव देवनानी के नवाचारों में बेहद अहम है साल 2026 का विधानसभा की ओर से जारी कैलेंडर . कैलेंडर समर्पित है राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम के 150वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्पीकर वासुदेव देवनानी ने अलख जगाई और वन्देमातरम के इतिहास पर आधारित कैलेंडर का निर्माण करवाया. विधानसभा के बजट सत्र से पहले कैलेंडर को प्रत्येक विधायक को भेजा गया है.
-जनवरी
जनवरी के माह के पेज पर मां भारती की तस्वीर अंकित
साथ ही वन्देमातरम का पूरा हिन्दी अनुवाद छापा गया है महावीर प्रसाद द्विवेदी ने हिंदी रूपांतरण किया था वन्देमातरम का
-फरवरी
महान कवि रविन्द्र नाथ टैगोर की तस्वीर अंकित
1896 के कलकत्ता के कांग्रेस अधिवेशन में गुरुदेव टैगोर ने इसे गया था
बाद में ये गीत राष्ट्रीय चेतना के ज्वार तक पहुंच गया
वन्देमातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का निधन 1894 में हुआ था
-मार्च
नेहाटी स्थित बंकिमचंद्र के पैतृक घर की तस्वीर
भविष्यवाणी की गवाह से जुड़ी मेज को दिखाया गया है. जब उन्होंने कहा था. कि वंदे मातरम् गीत का वास्तविक महत्त्व समय के साथ ही पता चलेगा
-अप्रैल
महर्षि अरबिंदो ने किया उल्लेख
अप्रैल 1907में अपनी पत्रिका में वन्देमातरम का उल्लेख
कैलेंडर ने महर्षि अरबिंदो का चित्र छापा है
घटना अप्रैल की इसलिए इसी माह को लिया गया
-मई
लाल और पाल का जिक्र
महान क्रांतिकारी विपिन चंद्र पाल ने वन्देमातरम नाम से समाचारपत्र से शुरू किया
इसमें छपा था महान स्वाधीनता सेनानी लाल लाजपत राय का लेख
साल 1906 में अखबार शुरू किया
विपिन चंद्र पाल, लाला लाजपत राय और अखबार की फोटो छपी है
-जून
1905 में सिस्टर निवेदिता ने वज्र ध्वज का डिजाइन
इस पर लिखा था बंगला में वन्देमातरम
ध्वज को कोलकाता ने 1908 के कांग्रेस अधिवेशन में भी प्रदर्शित किया गया
-जुलाई
इस माह के पेज पर उन साहित्यिक रचनाओं का प्रदर्शन
जिनमें प्रमुख तौर पर वन्देमातरम का जिक्र
ये वो रचचनाएं जिन पर ब्रिटिश सरकार ने अनेकों प्रतिबंध लगा दिए
-अगस्त
महान क्रांतिकारी मदन लाल ढींगरा का उल्लेख
17अगस्त 1909 को मदन लाल को अंग्रेजों ने फांसी पर चढ़ा दिया
फांसी पर लटकते हुए मदन लाल ने कहा "वन्देमातरम "
अगस्त का इतिहास में दर्ज इसलिए कैलेंडर में जिक्र
-सितम्बर
5नवंबर को 1948 को आजादी मिलने के बाद वन्देमातरम
संविधान सभा में सेठ गोविंद दास का उल्लेख किया गया
राष्ट्रीय गीत के तौर उल्लेखित किया गया
-अक्टूबर
24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने एक वक्तव्य दिया
राजेंद्र प्रसाद ने कहा था
'वंदे मातरम्' के गान का जिसका भारतीय स्वतंत्रता के संग्राम में ऐतिहासिक महत्त्व रहा है
'जन-गण-मन' के समान ही सम्मान किया जायेगा
देश के पहले राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष थे राजेंद्र प्रसाद
-नवंबर
संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य प्रो शिब्बन लाल सक्सेना ने की मांग
15नवंबर 1948 संविधान सभा में की मांग
सक्सेना की तस्वीर कैलेंडर में विशेष रूप से छपी है
आजादी के बाद उन्होने कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया था
और अपनी खुद की पार्टी बनाकर सांसद निर्वाचित हुए कुल मिलाकर वे महराजगंज से तीन बार सांसद चुने गये अन्तिम बार वह १९७६ में जनता पार्टी के टिकट पर सांसद चुने गये थे
-दिसंबर
वन्देमातरम के रचयिता बंकिम चंद्र की फोटो और उनके कार्यों का उल्लेख
वन्देमातरम को बंकिम चंद्र ने मुर्शिदाबाद के लाल गोला में लिखा था
विधान सभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने साल 2026 के कैलेंडर को वन्देमातरम के लिए सम्मर्पित कर दिया. ये कैलेंडर अपने आप में ऐतिहासिक सामग्री से ओत प्रोत है. जहां प्रदर्शित की गई है सिलेसिलेवार वन्देमातरम की महानता.