जयपुर: यमुना जल परियोजना समझौता पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मेहनत रंग लाई. मुख्यमंत्री के जबरदस्त परिश्रम से शीघ्र कार्यवाही हो सकी. महज सवा दो साल में ही कमाल कर दिखाया. हरियाणा और राजस्थान के बीच 32 साल पुराने यमुना जल विवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक समझौता होगा.
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में समझौते पर हस्ताक्षर होंगे. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्यमंत्री नायब सैनी मौजूद रहेंगे. समझौते का उद्देश्य राजस्थान के जल संकट वाले इलाकों तक पीने का पानी पहुंचाना. हरियाणा, 1994 के यमुना जल बंटवारा समझौते के तहत राजस्थान को उसके हिस्से का पानी उपलब्ध कराएगा. पानी हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा.
परियोजना के तहत करीब 295 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी. शेखावाटी को 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा. राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को लाभ मिलेगा. चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों के लाखों लोगों को वर्षों पुराने पेयजल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है. यह समझौता दोनों राज्यों के बीच जल सहयोग और समन्वय को नई मजबूती देगा. परियोजना से भविष्य में क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की संभावना है.