VIDEO: अगले मानसून से पहले बदलेगी 200 जल संरचनाओं की सूरत, राज्य बजट में पंचायती राज से मिले 200 बांध प्रथम चरण में शामिल, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: बरसों से अतिक्रमण की भेंट चढ़े और जीर्णशीर्ण अवस्था में पड़े छोटे बांध/तालाबों की सेहत और सूरत में सुधार की तैयारी शुरू हो गई. राज्य बजट में चरणबद्ध रूप से 3236 जल संरचनाओं में सुधार किया जाएगा. पहले चरण में 200 बांधों का नंबर लिया गया है और एक माह के भीतर लिस्ट तैयार होगी, उसके बाद काम शुरू होगा. जयपुर जिले के कितने बांध शामिल होंगे और कैसे सुधरेगी सूरत.

प्रदेशभर में जल प्रबंधन पर फोकस कर रही भजनलाल सरकार ने पंचायती राज विभाग से मिले बांधों पर भी काम शुरू कर दिया है। पिछले साल बजट बहस के जवाब में वित्त मंत्री दिया कुमारी ने कहा था कि 3236 जल संरचनाओं की देखभाल जल संसाधन विभाग करेगा. उसके बाद पंचायती राज विभाग और जल संसाधन विभाग ने संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की ताकि यह देखा जा सके कि किस बांध/तालाब की हालत ज्यादा खराब है और कहां-कहां अतिक्रमण हो गया. किसान का इंतजाम अब खत्म होगा और पहले चरण में 200 बांध/तालाब को जोड़ा जाएगा। जयपुर जिले के 80 में से 30 बांधों का पहले चरण में नंबर आ सकता है.

कुल 3 हजार 236 बांधों की सुधारनी है सूरत
-पहले चरण में 200 बांधों की सेहत होगी सही 
-80 हेक्टेयर तक के कृषि योग्य कमांड क्षेत्र के 2191 तालाब/बांध
-80 से 300 हेक्टेयर तक के 1045 बांध/तालाब 
-एक माह के भीतर तैयार होगी पहले चरण में शामिल बांधों की लिस्ट
-पहली लिस्ट में शामिल हो सकते जयपुर जिले के 30 बांध
-पहले चरण में 200 बांधों की सेहत पर खर्च होंगे 300 करोड़ रुपए 
-पहले चरण में प्रदेश के 3 लाख किसानों को मिल सकता लाभ 

जयपुर जिले के 80 में से 30 बांधों की सुधर सकती सेहत
-राम्या वाला, भैरूसागर, नेवर, बंध तालाब, ओदीराम सागर, खेडी, पृथ्वीपुरा,
-हालोलाव, चिरोटा, रघुनाथपुरा, बाडी-जोडी, दांतूड़ी, रामपुरा आंतेला, सिक्कावाली, 
-बोहरं का दंड, हरसोली, धोवोलाव झाग, डोरिया, धोलाई, केरिया सागर, किशनपुरा, 
-विरासना, दांतली, नीमला, भावसागर, भानपुर, झाझवाड़, कुंधारा, गुढ़ानाला, भांज्याड़ा, 
-कादेड़ा, लांबिया, माधोसिंहपुरा, रावतवाला, श्यामपुरा, भाभरू, बैराठ, पांडो, जग्गाजी, 
-टंकू, बागावास नीमली, मामटोरी, बैरी, पांचूडोला, दांतिल का नाका, आकोड़ा, चूलियावास, 
-जैतपुरा, कड़वों का बास, नया सांगर मौखमपुरा, अगर सागर, छर्र, धमाना, गंगासागर, मेहलोता,
-हनुमानसागर, लदेरा, मानपुरा, गेजी, डोरिया, प्रताप सागर भोजपुरा, बांकिया सागर, 
-बालासागर सुल्तारिया, भुजयाली, गोकुलपुरा, घटियाली, कानोलाव, नैनस्या, रामसागर चोरू, 
-रामसागर फागी, रामसागर माधोरोजपुरा, टीलोलाव, 
-रानीसागर लसाड़िया, मोती सागर, काला तालाब हस्तांतरित किया जाएगा 

पंचायती राज विभाग से जल संसाधन विभाग को मिले कुल 3 हजार 236 बांधों में से 80 हेक्टेयर तक के कृषि योग्य कमांड क्षेत्र के 2191 और 80 से 300 हेक्टेयर तक के 1045 बांध/तालाब शामिल हैं. पहले चरण में छोटे बांधों को शामिल कर करीब 3 किसानों को सिंचाई से पानी उपलब्ध करवाया जा सकता है. यह भी माना जा रहा है कि अगले मानसून से पहले बांधों का जीर्णोद्धार होगा तो जल्द फायदा मिल सकेगा.

जल संसाधन विभाग सभी 3236 बांधों/तालाबों की सेहत सुधारेगा तो प्रदेशभर के किसानों का बरसा पुराना इंतजार जल्द खत्म होगा. उधर, बांधों में मत्स्य पालन के ठेके भी दिए जा सकेंगे. ताकि की हाथों को रोजगार भी मिलेगा. देखने वाली बात यह है कि जितनी जल्दी बांधों में सुधार कार्य पूरे होंगे. उतना जल्दी सिंचाई का पानी और रोजगार मिल सकेगा.