कूनो से निकलकर फिर किशनगंज रेंज पहुंचा चीता KP2, जामली में डाला डेरा

जयपुर : चीता KP2 कूनो से निकलकर फिर किशनगंज रेंज पहुंच गया है. राजस्थान के सबसे बड़े 16000 हैक्टेयर के वन खंड जामली में डेरा डाला है. इससे पहले चीता KP2 दिसंबर में बारां जिले में लंबा प्रवास करके गया था. डीसीएफ विवेकानंद बड़े मूवमेंट की जानकारी और मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं. किशनगंज रेंजर दीपक शर्मा अपनी टीम सहित निगरानी में जुटे हैं. 

कूनो की तीन सदस्यीय टीम भी सुरक्षित दूरी से चीते की निगरानी कर रही है.  किशनगंज रेंज से 70 किलोमीटर दूरी पर कूनो बॉर्डर है.  विशेषज्ञों का दावा-खुले जंगलों का अनुभव होने से KP2 स्वाभाविक रूप से खुद जल्द लौट जाएगा. ग्रामीणों की चिंता के बीच वन विभाग ने स्पष्ट किया किमनुष्यों पर सामान्यतः चीते हमला नहीं करते, क्षेत्र सुरक्षित है.

बता दें कि KP2 सहित तीनों चीता भाई कूनो नेशनल पार्क की सीमा से अकसर बाहर रहते हैं. KP1 ग्वालियर क्षेत्र में, जबकि KP3 का श्योपुर के आसपास मूवमेंट रहता है. तीनों के पिता ओबान और मां आशा अफ्रीका से भारत लाए गए थे. इन तीनों चीतों का कूनो में ही जन्म हुआ था. 

खुले जंगल में रहने की आदत के कारण बड़े क्षेत्रों में भ्रमण करते रहते हैं. ग्रामीण फसल कटाई के दौरान खतरे की आशंका जता रहे हैं. टीम का ग्रामीणों को आश्वासन है कि 'चीता मनुष्य पर हमला नहीं करता, पूरी सुरक्षा व्यवस्था है.KP2 राजस्थान में प्रवेश करने वाला तीसरा चीता है जिसकी मॉनिटरिंग लगातार जारी है.