VIDEO: तबादलों की दौड़, सचिवालय में बढ़ी भीड़, मंत्रियों के कमरों से लेकर पार्किंग तक दबाव, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में तबादलों का दौर जारी है. इसके बाद सचिवालय में भी खासी चहल- पहल और गहमागहमी बढ़ गई है. इसी के साथ यहां बढ़ती आगंतुकों की संख्या भीड़ प्रबंधन चिंता का सबब बना हुआ है. तबादलों पर शिथिलता का समय 10 जुलाई तक बढ़ गया है लेकिन मनचाही पोस्टिंग करवाने या यथावत रखने को लेकर सरकारी कर्मचारियों और उनके चहेतों की दौड़ धूप जारी है.

यह है स्थानांतरण काल की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: 
-स्थानांतरण काल की सचिवालय की दिलचस्प तस्वीरें...!
-दोपहर 1 बजे तक जुटना शुरू होते तबादला आवेदक और उनके जानकार
-इस दौरान अटी पड़ी रहती हैं स्वागत कक्ष की कुर्सियां...
-इस दौरान कुछ वृद्ध,बीमार सुस्ताते मिलते एसी स्वागत कक्ष में
-तो गोद में बच्चा लिए महिलाएं भी आतीं इस भीड़ में नजर
-माथे पर छलकता पसीना और चिंतित चेहरा मौन रूप से बयां करता है दर्द
-परिवार से दूर या घर से कई किलोमीटर दूर अलग- अलग साधनों से काम पर जाने का होता बयां दर्द
-और 1 से शाम 5-6 बजे तक गैलरी से लेकर कुर्सियों में जम जाता है डेरा
-इस दौरान मंत्रियों से लेकर अधिकारियों के कक्ष, कैंटीन और बरामदे रहते गुलजार
-तो वहीं सचिवालय परिसर के बाहर और अंदर भी पार्किंग में भी नहीं रहती जगह
-भावुक भाषा में आवेदन से लेकर 'माननीय' की डिजायर और फिर सचिवालय में पास से लेकर विनती तक
-इस तमाम प्रक्रिया में माथे के पसीने और बड़ी पेशानियों बयां करती है दर्द
-सरकारी नौकरी के चलते अपने परिवार के साथ न रह पाने का दर्द होता बयां
-फिर भी शीतल जल,दो मीठे शब्द और मिलते सच्चे - झूठे आश्वासन परेशानी भरे उनके चेहरे पर ले आते हैं कुछ मुस्कुराहट
-वहीं इन दिनों बन रहे हजारों ' पास ' बढ़ा रहे प्रबंधन का तनाव
-मंत्रियों के कक्ष से लेकर प्रांगण और सचिवालय की गैलरी में भीड़ प्रबंधन बन गया है इन दिनों बड़ी चुनौती
-क्योंकि स्थानांतरण काल में कभी ढाई हजार से 5000 और कभी 5000 से 8000 तक  आगंतुक और अन्य की भीड़
-इसके चलते बढ़ा दी है अभी चेकिंग की भी सख्ती
-ये लिखे गए हैं ज्यादातर अर्जियों में कारण
-माता - पिता या सास - ससुर की सेवा / उनकी तबियत खराब रहना।
-स्वयं की तबियत खराब रहना
-संस्थान का या ऑफिस /स्कूल का दूरदराज इलाके में होना 
-लोक परिवहन के साधन नहीं होना और कई किलोमीटर तक पैदल चलने की तकलीफ।

ये विभाग हैं फिलहाल अछूते: 
अभी चिकित्सा विभाग में तबादले नहीं होने से इसके मंत्री और अन्य स्टाफ राहत में हैं क्योंकि मौसमी बीमारियों के सीजन में विभाग में तबादलों से व्यवस्था खराब होने की आशंका है.तो वहीं तृतीय श्रेणी शिक्षकों के भी फिलहाल तबादले नहीं हो रहे हैं.

भीड़ ने बढ़ाई चिंता:
-बढ़ती भीड़ से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है
-पास बनाने के काउंटर पर लगातार भीड़ उमड़ती है
-इसके बाद अंदर परिसर में आगंतुक के साथ कई लोगों का समूह रहता है जो बरामदों और गलियारों में कामकाज के समय में चक्कर काटता है
-इनके साथ कई चौपहिया वाहन आने से सचिवालय और उसके आसपास पार्किंग की बड़ी समस्या रहती है
-साथ ही इससे सचिवालय के चारों ओर जाम के हालात बनते हैं
-बारिश होने पर यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है

इस दौर में संबंधित विभाग के मंत्री से मिलवाने वाले PA और अन्य स्टाफ की कद्र बढ़ गई है तो कुछ विभाग में मंत्री और अन्य स्टाफ कम भीड़ वाले सुरक्षित स्थान पर जाकर तबादला सूची बना रहे हैं.