VIDEO: अब रोडवेज बसों में नहीं चलेगा अवैध पार्सल का खेल, चालक-परिचालकों को दी गई हिदायत, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम  ने बसों के माध्यम से हो रहे अवैध पार्सल परिवहन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर के सभी आगारों और बस स्टैंडों पर अवैध पार्सल बुकिंग एवं परिवहन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी किए हैं.

रोडवेज मुख्यालय को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कई बस स्टैंडों पर कुछ दुकानदार, कुली और एजेंट रोडवेज की अधिकृत व्यवस्था को दरकिनार कर अवैध रूप से पार्सल बुकिंग कर रहे हैं. आरोप है कि ये लोग चालक-परिचालकों की अनभिज्ञता या व्यस्तता का लाभ उठाकर बसों में पार्सल रखवा देते हैं, जिससे न केवल निगम के नियमों का उल्लंघन होता है बल्कि सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े गंभीर सवाल भी खड़े होते हैं. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रोडवेज मुख्यालय ने सभी आगारों के मुख्य प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि चालक-परिचालकों, बस एजेंटों तथा संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट और सख्त हिदायत दी जाए कि किसी भी परिस्थिति में अनधिकृत व्यक्ति से पार्सल स्वीकार नहीं किया जाए. यदि कोई व्यक्ति नियमों के विपरीत पार्सल भेजने या बसों में रखने का प्रयास करता है तो तत्काल उसे रोका जाए और आवश्यक कार्रवाई की जाए.मुख्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि रोडवेज की केवल अधिकृत पार्सल व्यवस्था ही मान्य होगी. पार्सल की बुकिंग और परिवहन निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे, राजस्व की हानि रोकी जा सके और यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो.

अधिकारियों का मानना है कि अवैध पार्सल परिवहन से निगम को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जवाबदेही तय करना भी मुश्किल हो जाता है. इसलिए इस व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.मुख्यालय ने मुख्य प्रबंधकों से कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और नियमित निरीक्षण कर यह देखें कि कहीं भी अवैध पार्सल बुकिंग या परिवहन की गतिविधि संचालित न हो. 

यदि किसी कर्मचारी, एजेंट या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, रोडवेज के इस फैसले को निगम की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद बस स्टैंडों पर अवैध पार्सल कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगेगा और केवल अधिकृत माध्यम से ही पार्सल परिवहन की व्यवस्था संचालित होगी.