VIDEO: पुलिसिंग का नया मॉडल ! ग्राउंड जीरो पर उतरे DGP, बदली पुलिसिंग की तस्वीर,  देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान पुलिस के मुखिया राजीव शर्मा का बहुचर्चित रेंज समीक्षा अभियान अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है. गुरुवार को बीकानेर रेंज की समीक्षा बैठक के साथ यह व्यापक अभियान पूरा हो जाएगा. गत वर्ष अगस्त में भरतपुर रेंज से शुरू हुआ यह सिलसिला अब पूरे प्रदेश में पुलिसिंग के नए मानक स्थापित कर चुका है. डीजीपी राजीव शर्मा ने इस अभियान के तहत पारंपरिक कार्यालयी समीक्षा के बजाय खुद ग्राउंड ज़ीरो पर जाकर हर रेंज में अधिकारियों के साथ बैठक की. बाड़मेर से लेकर डूंगरपुर तक उन्होंने हर क्षेत्र में जाकर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति का आकलन किया.

वर्षों बाद किसी डीजीपी द्वारा इस तरह की सक्रियता देखने को मिली, जिससे न केवल पुलिस महकमे में ऊर्जा आई, बल्कि आमजन में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत हुआ. इस अभियान का सबसे बड़ा असर यह देखने को मिला कि रेंज स्तर पर हुई बैठकों के निर्देश सीधे फील्ड में लागू हुए. पुलिस अधिकारियों और थाना स्तर तक स्पष्ट संदेश गया कि अब केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि परिणाम देने होंगे. 

इसी का परिणाम है कि प्रदेश में प्रो-एक्टिव पुलिसिंग को नई धार मिली है. अपराध की रोकथाम के लिए पहले से रणनीति बनाना, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना और तकनीक का उपयोग करना-इन सभी पहलुओं पर तेजी से काम हुआ है. इन बैठकों में डीजीपी ने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, हार्डकोर अपराधियों पर सख्ती और साइबर अपराध जैसे नए खतरों से निपटने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए. इसके साथ ही पुलिस बल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया गया. अब कल बीकानेर रेंज की बैठक के साथ यह पूरा अभियान संपन्न हो जाएगा. 

माना जा रहा है कि इस अंतिम समीक्षा में डीजीपी अब तक की सभी रेंजों के अनुभवों और परिणामों का समग्र मूल्यांकन करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे. कुल मिलाकर, यह अभियान राजस्थान पुलिस के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है. डीजीपी राजीव शर्मा की पहल ने यह साबित कर दिया है कि यदि नेतृत्व सक्रिय और जमीनी स्तर पर जुड़ा हो, तो पुलिसिंग में व्यापक और सकारात्मक बदलाव संभव है. आने वाले समय में इस अभियान के दीर्घकालिक परिणाम और भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकते हैं.