शिवलिंग लुप्त, लेकिन अटूट रही आस्था, अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग करीब 90 फीसदी पिघला

शिवलिंग लुप्त, लेकिन अटूट रही आस्था, अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग करीब 90 फीसदी पिघला

जम्मू कश्मीर: शिवलिंग लुप्त, लेकिन आस्था अटूट रही. बाबा बर्फानी के दरबार में आस्था अडिग है. अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग करीब 90 फीसदी पिघल गया. 
लेकिन शिवलिंग लुप्त होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई. अब तक 86 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं. 

एक ही दिन में रिकॉर्ड 8,815 श्रद्धालुओं का छठा जत्था रवाना हुआ. बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों से यात्रा लगातार जारी है. देशभर से ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर पर पहुंच रहे है. यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, चिकित्सा और निगरानी के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.

जिस गति से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. उससे साफ है कि आने वाले दिनों में भी यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल होंगे. अमरनाथ में उमड़ रहे शिवभक्तों ने साफ संदेश दिया. आस्था किसी एक दृश्य या प्रतीक तक सीमित नहीं, बल्कि भगवान शिव में अटूट विश्वास का नाम है.

बाबा बर्फानी के दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है. हर-हर महादेव के जयघोष के साथ अमरनाथ यात्रा का आठवां जत्था जम्मू से रवाना हुआ. 334 वाहनों में सवार 8150 श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन को निकले. 4705 श्रद्धालु पहलगाम मार्ग के लिए रवाना हुए. 3445 श्रद्धालु बालटाल मार्ग से यात्रा करेंगे. भगवती नगर बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा के बीच जत्था रवाना हुआ.

आपको बता दें कि बाबा बर्फानी 5वें दिन ही अंतर्ध्यान हो गए हैं. 3 जुलाई को अमरनाथ यात्रा शुरू हुई थी. बाबा बर्फानी 5वें दिन यानी मंगलवार को लगभग अंतर्ध्यान (पूरी तरह पिघलना) हो गए हैं. इस बार 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाए है.  

अब तक एक लाख यात्री ही दर्शन कर पाए हैं, 3 लाख श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं हुए हैं. 23 मई को बाबा बर्फानी का आकार 7 फीट ऊंचा और ढाई फीट चौड़ा था. 29 जून को 5 फीट और 3 जुलाई को करीब साढ़े 4 फीट आकार था. सूत्रों के अनुसार श्राइन बोर्ड अगले साल 25 जून के आसपास शुरू कर यात्रा सकता है.