मनरेगा के नए कानून को लेकर बोले अशोक गहलोत, कहा- यह एक योजना नहीं.. बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा और गरीबों का संबल है

मनरेगा के नए कानून को लेकर बोले अशोक गहलोत, कहा- यह एक योजना नहीं.. बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा और गरीबों का संबल है

जयपुर : मनरेगा के नए कानून को लेकर राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा और गरीबों का संबल है. यूपीए सरकार ने इसे आमजन का 'कानूनी अधिकार' बनाया था, जिसे केंद्र की मोदी सरकार अब केवल 'सरकारी मेहरबानी' तक सीमित कर इसे कमजोर करने का कुप्रयास कर रही है.

एआईसीसी के आह्वान पर CPP अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ 45 दिवसीय "मनरेगा बचाओ अभियान" का शंखनाद कर रही है. कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-ढाणी से लेकर विधानसभा तक इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे.

मेरी सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आमजन से अपील है कि गरीबों के हक की इस लड़ाई में भागीदार बनें. जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा.