जयपुर: भजनलाल सरकार ने पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट या जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा सुविधाजनक बना दिया है. राज्य सरकार ने वित्त (पेंशन) विभाग को आधार प्रमाणीकरण के उपयोग की अनुमति प्रदान की है, जिससे पेंशनरों की पहचान का सत्यापन अब अधिक सुगम तरीके से किया जा सकेगा.
इससे पहचान प्रमाणित करने के लिए अनेक दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता कम होगी और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी. यह कदम विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स के लिए राहतकारी माना जा रहा है, जिन्हें हर वर्ष जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है.
राज्य सरकार ने यह अनुमति भारत सरकार के और की सहमति के बाद दी है. इसके तहत वित्त पेंशन विभाग आधार संख्या धारकों की पहचान सत्यापित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण का उपयोग कर सकेगा. हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए आधार प्रमाणीकरण पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा.
किसी भी पेंशनर को आधार आधारित प्रमाणीकरण कराने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा. यदि कोई पेंशनर आधार प्रमाणीकरण से इनकार करता है या किसी कारणवश इसका उपयोग करने में असमर्थ रहता है, तो उसे किसी भी प्रकार की सेवा या सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा. पेंशनर राज्य सेवा के अधिकारी अथवा अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा के कर्मचारी की एसएसओ आईडी के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकेंगे.
इसके अलावा वे कोषालय या पेंशन विभाग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर भी जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं. वहीं ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से सेवा का उपयोग कर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी.