जयपुर: इस साल राजस्थान कांग्रेस कमेटी में बड़ा बदलाव हो सकता है.बदलाव के तहत पीसीसी कार्यकारिणी से निष्क्रिय पदाधिकारियों की छुट्टी हो सकती है.सामने आ रहा है करीब 60 मौजूदा पदाधिकारियों को पीसीसी से हटाया जा सकता है.बाद में कुछ नए चेहरों को पीसीसी में शामिल किया जाएगा.प्रदेश नेतृत्व ने फेरबदल की एक्सरसाइज पर काम शुरु कर दिया है. राजस्थान कांग्रेस में निचले स्तर पर फेरबदल और बदलाव के बाद अब बारी है पीसीसी की.
सामने आ रहा है कि पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने अपने स्तर पर पीसीसी में बदलाव की कवायद शुरु भी कर दी है.डोटासरा ने निष्क्रिय पदाधिकारियों की एक रिपोर्ट भी तैयार की है, जिसमें पार्टी के निर्देश नहीं मानने और बैठकों से नदारद रहवे वाले पदाधिकारियों के नाम है.इसके अलावा एक व्यक्ति-एक पद के सिद्धांत के तहत जिला अध्यक्ष बने 11 पीसीसी पदाधिकारियों को भी बदलाव के दौरान पीसीसी से फ्री कर दिया जाएगा.सारी एक्सरसाइज कंप्लीट होने के बाद सूची मंजूरी के लिए हाईकमान को भेजी जाएगी.
अब जल्द होगा प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में बदलाव:
-पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा ने की एक्सरसाइज शुरु
-करीब 60 पदाधिकारियों की हो सकती है पीसीसी से छुट्टी
-50 पदाधिकारियों की हो सकती है निष्क्रियता के आधार पर रवानगी
-11 पीसीसी पदाधिकारी बन गए है जिला अध्यक्ष
-40 सचिव,4 उपाध्यक्ष और 15 महासचिवों को हटाने की अटकलें
-पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने परफॉर्मेंस के आधार पर की रिपोर्ट
-नई सूची में 18 उपाध्यक्ष,55 महासचिव और करीब 100 सचिव बनाने की संभावना
फेरबदल की कवायद के काम को फिलहाल गोविंद डोटासरा खुद के स्तर पर अंजाम दे रहे है.हटाने के अलावा जाहिर सी बात है नई टीम में फिर नए चेहरों को भी शामिल किया जाएगा.नए चेहरों को नामों की सूची भी बताया जा रहा है जल्द तैयार होगी.नए पदाधिकारी बनाने में जातिगत और सियासी समीकऱणों का पूरा ध्यान रखा जाएगा.साथ ही चिंतन शिविर के फैसलों के तहत,युवा,महिला,एससी,एसटी,ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाएगा.फेरबदल की कवायद की आहट के साथ ही दावेदारों ने भी अब लॉबिंग तेज कर दी है.
हालांकि एक बार पहले भी पीसीसी में बदलाव की कवायद शुरु हुई थी,लेकिन संगठन सृजन अभियान के चलते पहले निचले स्तर पर हाईकमान के बदलाव करने के निर्देशों के चलते इसके ब्रेक लग गए थे.सूची तैयार होने के बाद राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर रंधावा के जरिए मंजूरी के लिए हाईकमान के पास जाएगी.अब देखते है इसी माह सूची सामने आएगा या फिर और समय लगेगा.