VIDEO: MANREGA के नए कानून के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन का ऐलान, 45 दिन देशव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम की घोषणा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कांग्रेस ने मनरेगा से जुड़े नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है. कांग्रेस इसके विरोध में 45 दिन का राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम का आगाज करने जा रही है. 10 जनवरी से लेकर 25 फरवरी तक कांग्रेस का यह आंदोलन चलेगा. विरोध के तहत सभा,चौपाल,रैली और विधानसभाओं का घेराव किया जाएगा.

कांग्रेस ने मनरेगा से जुड़े नए कानून के खिलाफ सड़क पर लड़ाई शुरु करने का ऐलान कर दिया है. नए कानून को वापस लेने की मांग को लेकर कांग्रेस ने देशव्यापी मनरेगा बचाओ संग्राम की घोषणा की है. जनवरी औऱ फरवरी माह में पूरे 45 दिन कांग्रेस की अब राजनीति मनरेगा के नए कानून के विरोध पर केन्द्रित रहेगी. मनरेगा के नए कानून को लेकर कांग्रेस का यह आंदोलन दो चरणों में चलेगा. जिसके तहत दिल्ली से लेकर ब्लॉक तक धऱने,प्रदर्शन,घेराव,चौपाल औऱ रैलियों जैसे आयोजन होंगे.

-मनरेगा से जुड़े नए कानून के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल
-कांग्रेस ने 45 दिन के देशव्यापी आंदोलन का किया ऐलान
-दो चरणों में यह आंदोलन जनवरी औऱ फरवरी माह में चलेगा
-10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम
-8 और 9 जनवरी को प्रभारी-सीनियर नेताओं की मौजूदगी में पीसीसी बैठक होगी
-10 जनवरी को तमाम जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी
-11 जनवरी को गांधी या अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एक दिन का उपवास होगा
-12 से 29 जनवरी तक हर पंचायत में चौपाल लगाई जाएगी
-30 जनवरी को वार्ड औऱ ब्लॉक लेवल पर प्रदर्शन होगा
-31 जनवरी से 6 फरवरी तक कलेक्टर दफ्तर के बाहर धरने दिए जाएंगे
-7 फरवरी से 15 फरवरी तक विधानसभा-लोकभवनों का घेराव होगा
-16 फरवरी से 25 फरवरी तक कांग्रेस देशभर में करेगी बड़ी रैलियां
-अध्यक्ष खड़गे,राहुल गांधी,पीसीसी चीफ और नेता प्रतिपक्ष पंचायत प्रतिनिधियों को लिखेंगे पत्र

कुल मिलाकर इस साल के शुरुआत से लेकर अगले कईं दिनों तक कांग्रेस की सियासत अब मनरेगा के नए कानून के ईर्द-गिर्द घूमेगी. दरअसल सोनिया गांधी ने व्यक्तिगत इसमें पहले करते हुए पार्टी को जोरदार विरोध करने के निर्देश दिए थे. पिछले दिनों खुद सोनिया गांधी ने बयान जारी करके कहा था कि मनरेगा को बचाने के लिए मैं खुद लंबी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं. उसके बाद कांग्रेस ने वोट चोरी जैसे अन्य मसलों का विरोध होल्ड कर दिया है.

दरअसल रोजगार के अधिकार से जुड़ा मनरेगा कानून यूपीए सरकार में लाया गया था. लेकिन अब केन्द्र सरकार ने उसमें बदलाव करते हुए संसद के दोनों सदनों में नए बिल को पारित कर दिया है. कांग्रेस ने सदन में भी इसका जोरदार विरोध किया था. लेकिन सरकार बैक नहीं हुई. लिहाजा अब कांग्रेस ने सड़कों पर कानून वापस लेने को लेकर आंदोलन शुरु करने का फैसला लिया है. अब देखना है कि कांग्रेस को मनरेगा में कार्यरत करोड़ों मजदूरों औऱ ग्रामीण लोगों का कितना समर्थन मिलता है.