VIDEO: मनरेगा के नए कानून के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन जारी, अब आंदोलन पहुंचा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: मनरेगा के नए कानून के खिलाफ कांग्रेस का 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी आंदोलन जारी है. आंदोलन के तहत अब अगले 18 दिन तक यानी 29 जनवरी तक तमाम ग्राम पंचायतों में चौपालों का आय़ोजन होगा. साथ ही विधानसभा लेवल पर नुक्कड़ सभाओं और पंपलेट वितरण जैसे कार्यक्रम भी होंगे. इस दौरान राहुल गांधी और खड़गे के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी ग्राम प्रधान और श्रमिकों को वितरित किए जाएंगे.

मनरेगा के नए कानून को लेकर कांग्रेस का हल्ला बोल जारी है. 45 दिन के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत फिलहाल पहला चरण जारी है. जिलों के बाद कांग्रेस अब आंदोलन को नीचे धरातल पर मतलब ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ले गई है. इसके तहत राजस्थान की पहले के स्वरूप के तहत तमाम 11 हजार ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाई जाएगी. वहीं मनरेगा साइट्स पर जाकर श्रमिकों से भी कांग्रेस नेता इसको लेकर चर्चा करेंगे.

-मनरेगा के नए कानून के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन जारी
-आंदोलन के पहले चरण के तहत अब धरातल पर पहुंची कांग्रेस
-ग्राम पंचायतों में चौपाल लगाने का सिलसिला हुआ शुरू
-29 जनवरी तक सभी ग्राम पंचायतों में लगेगी चौपाल
-इस दौरान विधानसभा स्तर पर होगी नुक्कड़ सभाएं
-गांवों और साइट्स पर श्रमिकों को बांटे जाएंगे पंपलेट
-राहुल गांधी और खड़गे के हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी वितरित किए जाएंगे
-स्थानीय भाषा में यह पत्र श्रमिकों,ग्राम प्रधान और रोजगार सेवकों को बांटे जाएगे
-योजना में कार्यरत दस मजदूरों की हर समस्या के तथ्य जुटाए जाएंगे

मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन के तहत यह सब गतिविधियां पहले चरण में हो रही है. यानि पूरे जनवरी माह में आंदोलन का केन्द्र बिंदु ग्राम पंचायत और श्रमिक रहेंगे. राजस्थान कांग्रेस ने आंदोलन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक कॉर्डिनेशन कमेटी का भी गठन कर दिया है. कमेटी ग्राम पंचायत पर चल रही चौपालों का डेली रिपोर्ट जुटाएगी. वहीं हर चौपाल में संबंधित ग्राम पंचायत के स्थानीय नेताओं को मौजूद रहने के निर्देश भी दिए गए हैं.

ग्राम चौपाल समाप्त होने के बाद आंदोलन दूसरे और आखिरी चरण में प्रवेश कर जाएगी. फिर 30 जनवरी से 25 फरवरी तक विधानसभा घेराव और रैलियों जैसे प्रदर्शन किए जाएंगे. कांग्रेस हाईकमान इस आंदोलन की खुद निगरानी कर रहा है. लिहाजा आंदोलन को लेकर समय समय पर नए सर्कुलेशन पर लगातार जारी किए जा रहे हैं. हाल ही में सोनिया गांधी का वीडियो बयान प्रदर्शन में सुनाने औऱ दस नारों के इस्तेमाल करने की भी नई गाइडलाइन जारी हुई है. कुल मिलाकर कांग्रेस की अब फरवरी माह तक पूरी सियासत मनरेगा के नए कानून के खिलाफ केन्द्रित रहेगी.