जयपुरः राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने पोर्नोग्राफिक एवं संदिग्ध एंड्रॉयड ऐप्स के जरिए होने वाली साइबर ठगी को लेकर आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अश्लील विज्ञापनों और संदिग्ध लिंक के माध्यम से फैलाए जा रहे मालवेयर ऐप्स से सावधान रहने की अपील की है. साइबर अपराधी इन ऐप्स के जरिए मोबाइल का नियंत्रण हासिल कर निजी डेटा चोरी करने के साथ बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन से रकम निकालने की कोशिश कर रहे हैं.
साइबर क्राइम शाखा की एडवाइजरी के अनुसार, “Night Play”, “Reloop”, “Kyss”, “Vimo”, “Rivo”, “Nexo”, “Vixa” जैसे नामों अथवा इसी तरह के अन्य नामों से ऐप्स का प्रचार टेलीग्राम, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा है. विज्ञापनों अथवा लिंक के माध्यम से यूजर्स को अश्लील वेबसाइटों पर ले जाकर उनके मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल कराई जाती है.पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध ऐप इंस्टॉल करने के बाद साइबर ठग यूजर को “App Update” के नाम पर दूसरी पैकेज फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं. इसके बाद ऐप यूजर से Accessibility समेत कई संवेदनशील अनुमतियां हासिल कर लेता है. इन अनुमतियों का दुरुपयोग कर मालवेयर मोबाइल डिवाइस पर नियंत्रण हासिल कर सकता है और बैकग्राउंड में काम करते हुए संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना सकता है.एडवाइजरी में बताया गया है कि कुछ संदिग्ध ऐप मोबाइल में VPN भी इंस्टॉल कर देते हैं. इसके जरिए इंटरनेट ट्रैफिक साइबर अपराधियों द्वारा संचालित सर्वर तक पहुंचाया जा सकता है. मोबाइल का नियंत्रण अपराधियों के हाथ में जाने के बाद बैंक खातों से अनधिकृत लेनदेन कर धनराशि निकाले जाने का खतरा रहता है. इतना ही नहीं, कुछ मामलों में संदिग्ध ऐप को सामान्य तरीके से अनइंस्टॉल करना भी मुश्किल हो सकता है.
राजस्थान पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले संदिग्ध विज्ञापनों या अनजान लिंक के जरिए किसी भी प्रकार की APK फाइल डाउनलोड न करें. अनजान या संदिग्ध एप्लिकेशन को Accessibility Permission बिल्कुल न दें. ऐप्स को केवल Google Play Store अथवा भरोसेमंद ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करने की सलाह दी गई है.पुलिस ने मोबाइल में पहले से इंस्टॉल ऐप्स की समय-समय पर समीक्षा करने और अनजान ऐप को तत्काल हटाने की सलाह दी है. साथ ही Google Play Protect को सक्रिय रखने, मोबाइल को अपडेट रखने तथा बैंक खाते और यूपीआई लेनदेन पर नियमित नजर रखने को कहा गया है.यदि मोबाइल में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल हो गया है और वह सामान्य तरीके से हट नहीं रहा है तो पुलिस ने Safe Mode में फोन शुरू करने की सलाह दी है. इसके लिए Power Off विकल्प को दबाकर Safe Mode का विकल्प आने तक रखना होगा. इसके बाद OK/Restart in Safe Mode पर क्लिक किया जा सकता है. फोन शुरू होने के बाद Settings में जाकर Apps में संदिग्ध ऐप को चुनकर Uninstall किया जा सकता है. इसके बाद फोन को सामान्य रूप से Restart करने पर Safe Mode हट जाएगा.