जयपुर: नए साल में कांग्रेस अब मनरेगा बचाओ आंदोलन का आगाज करते हुए केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध का बिगुल बजाएगी.पांच जनवरी से कांग्रेस देशभर में मनरेगा को लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरु करेगी, जिसके तहत पैदल मार्च,मशाल जुलूस,धरना-प्रदर्शन औऱ सभाओं का आयोजन किया जाएगा.राजस्थान कांग्रेस भी मनरेगा को लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरु करेगी.
वोट चोरी और अरावली मामले के बाद अब कांग्रेस की सियासत मनरेगा को लेकर लाए गए नए संशोधन बिल के इर्द-गिर्द केन्द्रित रहेगी.इसके लिए हाईकमान कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मनरेगा को लेकर जोरदार आंदोलन चलाने का प्रस्ताव कर चुकी है.नए साल के पहले हफ्ते में देशव्यापी विरोध शुरु होगा.जल्द ही आंदोलन की दशा औऱ दिशा से जुड़ा सर्कुलेशन तमाम प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को भेज दिया जाएगा.
कांग्रेस अब मनरेगा को लेकर शुरु करेगी आंदोलन:
-5 जनवरी से होगा मनरेगा बचाओ आंदोलन का आगाज
-मनरेगा के नए बिल के खिलाफ कांग्रेस करेगी देशव्यापी प्रदर्शन
-दिल्ली,राज्यों की राजधानियों से लेकर ब्लॉक लेवल तक होगा विरोध
-जल्द संगठन महासचिव वेणुगोपाल तमाम पीसीसी को भेजेंगे सर्कुलेशन
-राजस्थान कांग्रेस कमेटी भी करेगी मनरेगा को लेकर आंदोलन
-पैदल मार्च,सभा,मशाल जुलूस,धरना,प्रभात फेरी औऱ संगोष्ठी जैसे होंगे आय़ोजन
-मनरेगा के विरोध के जरिए करोड़ो मजदूरों को लुभाएगी कांग्रेस
इससे पहले कांग्रेस ने संसद के दोनों सदनों में भी मनरेगा स्कीम के नाम के बदलने और महात्मा गांधी का नाम हटाने पर विरोध किया था.लेकिन विरोध के बावजूद दोनों सदनों में संशोधित बिल पारित हो गया.लिहाजा ऐसे में कांग्रेस ने अब सड़कों पर विरोध करने की रणनीति बनाई है.दरअसल इस मामले को लेकर खुद सोनिया गांधी ने आगे बढ़कर रुचि दिखाई.जिसके बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई गई और उसके बाद मनरेगा को बचाने की सभी ने शपथ लेते हुए विरोध करने का ऐलान किया.
दरअसल मनरेगा में एक रिपोर्ट के मुताबिक अभी 12 करोड़ से ज्यादा मजदूर कार्यरत है.ऐसे में कांग्रेस थिंक टैंक ने मनरेगा मसले को सियासी तूल देने की रणनीति बनाई है.कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को उठाते हुए खुद को मजदूर हितैषी करार देने की कोशिश करेगी.अब देखना है कि कांग्रेस को मनरेगा के मुद्दे पर विरोध करने पर कितनी सियासी माइलेज मिलता है.